PM मोदी को बदनाम करने के आरोप में दूसरी बार गिरफ्तार TMC के प्रवक्ता साकेत गोखले को मिली जमानत

साकेत गोखले (Saket Gokhle) ने 1 दिसंबर को एक समाचार क्लिप ट्वीट की थी, जिसमें सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत कथित तौर पर प्राप्त जानकारी के आधार पर दावा किया गया था कि पुल हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोरबी दौरे पर 30 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.

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गोखले पर मोरबी पुल हादसे को लेकर पीएम मोदी के बारे में फेक ट्वीट करने का आरोप है.
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को बदनाम करने के आरोप दूसरी बार गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रवक्ता साकेत गोखले (Saket Gokhle) को शुक्रवार को फिर से जमानत मिल गई है. टीएमसी ने इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी. टीएमसी ने कहा साकेत गोखले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक कथित "फर्जी ट्वीट" पर एक बार फिर जमानत पाने में कामयाब रहे.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात में पिछले तीन दिनों में दो बार पार्टी प्रवक्ता साकेत गोखले की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि लोकतंत्र पर खतरा बरकरार है.

गुजरात पुलिस ने गुरुवार को महानगरीय अदालत से जमानत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर गोखले को मोरबी पुल हादसे पर उनके ट्वीट से जुड़े एक और मामले को लेकर गिरफ्तार कर लिया. अभिषेक ने कहा कि गुजरात पुलिस ने साकेत गोखले को पिछले तीन दिन के अंतराल में दो बार गिरफ्तार किया, वो भी आदर्श आचार संहिता के प्रभावी रहने के दौरान. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने पूरी तरह से समर्पण कर रखा है. वह लगातार बीजेपी के अधीन काम कर रहा है. लोकतंत्र पर खतरा बरकरार है!

6 दिसंबर को हुई थी गिरफ्तारी
गोखले पर मोरबी पुल हादसे को लेकर पीएम मोदी के बारे में फेक ट्वीट करने का आरोप है. इसे लेकर बीजेपी कार्यकर्ता ने शिकायत की थी. 6 दिसंबर को कार्रवाई करते हुए, अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम पुलिस ने गोखले को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने गोखले पर आईपीसी की धारा 469 (जालसाजी), 471 (जाली सामग्री को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 501 (प्रिंटिंग) के तहत कार्रवाई की था। मोरबी पुलिस ने गुरुवार को टीएमसी प्रवक्ता को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत गिरफ्तार किया. पुलिस ने इसके साथ ही गोखले पर धारा 505(B) भी लगाई.

पुलिस के मुताबिक गोखले का यह बयान दुश्मनी, घृणा या दुर्भावना पैदा करने वाला था. जो कि अभी-अभी संपन्न चुनावों पर प्रतिकूल प्रभाव पैदा कर सकता था. फिलहाल ताजा एफआईआर मोरबी में डीए झाला नाम के एक चुनाव अधिकारी ने दर्ज कराई है.

प्रधानमंत्री के मोरबी दौरे पर 30 करोड़ खर्च हुए - गोखले 
गोखले ने 1 दिसंबर को एक समाचार क्लिप ट्वीट की थी, जिसमें सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत कथित तौर पर प्राप्त जानकारी के आधार पर दावा किया गया था कि पुल हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोरबी दौरे पर 30 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. उन्होंने लिखा था कि आरटीआई आवेदन ने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी के कुछ घंटों के मोरबी दौरे पर 30 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इसमें से 5.5 करोड़ रुपये विशुद्ध रूप से ‘स्वागत, इवेंट मैनेजमेंट और फोटोग्राफी' पर खर्च हुए थे. 

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मंगलवार को प्रेस सूचना ब्यूरो ने एक ‘फैक्ट चेक' ट्वीट कर उक्त सूचना के गलत होने की बात कही थी. इसके बाद गोखले के खिलाफ जालसाजी और मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. छह दिसंबर को उन्हें मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था.


तृणमूल दल की टीम पहुंची  मोरबी
इस बीच तृणमूल नेताओं का एक दल मोरबी पहुंच गया है. इस टीम में डॉ. शांतनु सेन, खलीलुर रहमान, असित कुमार, डोला सेन और सुनील कुमार मंडल हैं. वहीं दूसरी ओर टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने गोखले की गिरफ्तारी को लेकर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि साकेत गोखले को बिना किसी नोटिस या वारंट के गिरफ्तार किया गया है. साकेत गोखले को लेकर यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है.

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