पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी हार के बाद से शुरू हुई ममता बनर्जी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की एक और सांसद सुष्मिता देव ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है. सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया.
इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने NDTV से बात करते हुए कहा कि 'मैंने टीएमसी से इस्तीफा दिया, इसलिए उनकी राज्यसभा सीट भी छोड़ दी.' उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए मैंने इस्तीफा दिया.
सुष्मिता देव पहले कांग्रेस में थीं. 2021 में कांग्रेस से इस्तीफा देकर वह टीएमसी में आ गई थीं. अब उन्होंने टीएमसी भी छोड़ दी है. अब उनके बीजेपी में जाने की अटकले हैं. उन्होंने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से भी मुलाकात की थी. इस मुलाकात पर उन्होंने NDTV से कहा कि 'मेरी राजनीति असम में है, इसलिए मैंने सीएम से मुलाकात की थी.'
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'टीएमसी में रहने का मतलब नहीं था'
टीएमसी क्यों छोड़ी? इस पर बात करते हुए सुष्मिता देव ने कहा कि 'मेरे हिसाब से टीएमसी में बने रहने का कोई मतलब नहीं बचा था.' उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी की पब्लिक इमेज बहुत खराब हो चुकी है.
हार के बाद पार्टी छोड़ने पर अवसरवादिता के आरोपों पर उन्होंने NDTV से कहा, 'राहुल गांधी ने स्टालिन को क्यों छोड़ा? ममता बनर्जी से एनडीए से गठबंधन क्यों किया था? क्या ये अवसरवाद है?'
सीएम हिमंता से मुलाकात पर उन्होंने कहा, 'बीते 10 सालों में असम में जो बदलाव हुआ है, उसमें पहले के मुकाबले जमीन-आसमान का फर्क है. हिमंता बिस्वा सरमा मेरे गाइड रहे हैं.'
बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि 'बीजेपी ही इस पर फैसला करेगी.'
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टीएमसी छोड़ने वालीं दूसरी राज्यसभा सांसद
सुष्मिता देव इस हफ्ते टीएमसी से इस्तीफा देने वालीं दूसरी राज्यसभा सांसद हैं. उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय ने भी पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था.
सुष्मिता देव राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता संतोष मोहन देव कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं. वहीं, उनकी मां बिथिका देव असम की सिल्चर सीट से विधायक थीं.
2014 में सुष्मिता देव कांग्रेस की टिकट पर सिल्चर से लोकसभा सांसद बनी थीं. 2019 में हार के बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और टीएमसी में शामिल हो गई थीं. 2024 में टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था.
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