- अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए संसद में कानून लाने की चुनौती दी है
- उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कानून आता है तो वह खुद समर्थन में वोट देंगे और राजनीति छोड़ देंगे
- अभिषेक ने चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाए और राज्य में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है. धर्मतला में चल रहे धरना मंच से अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी को तीखा हमला बोलते हुए खुली चुनौती दी. उन्होंने परिवारवाद के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो संसद में कानून लाकर दिखाए कि एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति राजनीति कर सकता है.
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परिवारवाद के आरोपों पर अभिषेक ने बीजेपी को घेरा
धरना मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बीजेपी लगातार तृणमूल कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाती है, लेकिन उनके पास सत्ता है, संसद में बहुमत है, फिर भी वे कानून लाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा बिल लाया जाता है तो वह खुद उस बिल के समर्थन में वोट देंगे और राजनीति छोड़ देंगे.
अभिषेक ने अपने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हर बार जनता के बीच जाकर परीक्षा दी है. साल 2014 में डायमंड हार्बर से पहली बार चुनाव जीतने से लेकर बाद के चुनावों में लाखों वोटों के अंतर से जीतना उनकी जनस्वीकृति का प्रमाण है. उन्होंने बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी जनता के बीच परीक्षा नहीं दी, वे आज परिवारवाद की बात करते हैं.
चुनाव आयोग के रवैये पर भी उठाए सवाल
उन्होंने बीजेपी नेतृत्व पर हमला तेज करते हुए कहा कि जिन लोगों को राजनीति या प्रशासन का अनुभव नहीं है, उन्हें बड़े पदों पर बैठाया जा रहा है और तृणमूल पर परिवारवाद का आरोप लगाया जाता है. अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग के रवैये पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ फैसलों की वजह से राज्य में तनाव का माहौल बना है. दिल्ली के इशारे पर काम किया जा रहा है और बंगाल की जनता पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है. जिन फैसलों के कारण लोगों की जान गई या लोग परेशान हुए, उसके लिए जिम्मेदार लोगों को जनता माफ नहीं करेगी.
एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करेंगे
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने से लेकर उनके कार्यक्रम तक कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं जो संदेह पैदा करती हैं. जब बीजेपी के बड़े नेता जिस होटल में ठहरते हैं, उसी होटल में चुनाव आयोग के अधिकारी ठहरते हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है. अपने भाषण के अंत में अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि आने वाला चुनाव सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह अन्याय के खिलाफ लड़ाई है. उन्होंने कहा कि यह वोट केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि जवाब देने के लिए, विरोध दर्ज करने के लिए और साजिश करने वालों को सजा देने के लिए होगा. उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करेगी.













