जिस राफेल का मलबा दिखा रहे थे पाकिस्तानी, वो कर्तव्य पथ पर उड़ान भरता दिखा

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के फ्लाइपास्ट में राफेल फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी. इनमें वही राफेल BS-022 भी शामिल था, जिसके गिराए जाने का दावा पाकिस्तान ने किया था.अगर यह दावा सही होता, तो यह विमान न तो सेवा में होता और न ही राष्ट्रीय समारोह में उड़ता नजर आता. 

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राफेल को लेकर फिर सामने आया पाकिस्तान का झूठ
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  • पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसकी वायुसेना ने भारतीय राफेल जेट को मार गिराया, जो पूरी तरह झूठ साबित हुआ
  • भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित फॉर्मेशन में कई लड़ाकू विमानों को शामिल कर अपनी ताकत दिखाई
  • भारत ने पाकिस्तान के झूठे दावों के जवाब में बिना बयानबाजी के अपने काम और प्रदर्शन से स्थिति स्पष्ट की
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नई दिल्ली:

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए झूठे दावों की पोल एक बार फिर दुनिया के सामने खुल गई है. पाकिस्तान की सेना और वहां के कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने यह दावा किया था कि पाकिस्तान एयर फोर्स ने भारतीय वायुसेना के राफेल फाइटर जेट को मार गिराया है. इस दावे को बड़ी सैन्य जीत के रूप में पेश किया गया, लेकिन अब 26 जनवरी के मौके पर यही झूठ पूरी तरह बेनकाब हो गया है. पहला झूठ कुछ समय पहले ही बेनक़ाब हो गया था. पाक ने इंडियन एयरफोर्स अधिकारी स्कवाड्रन लीडर शिवांगी सिंह के पाकिस्तानी सेना की कस्टडी में होने का दावा किया. ये दावा खारिज हो ही चुका था जब स्कवाड्रन लीडर शिवांगी सिंह खुद कमांडर-इन-चीफ माने राष्ट्रपति के साथ नजर आईं. दूसरा दावा उसने राफेल जेट और उसकी टेल पर अंकित नंबर को लेकर किया था. ये दावा भी गणतंत्र दिवस की परेड में ध्वस्त हो गया. 

दरअसल मई 2025 में शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था. भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में भारत ने अपनी वायुसेना के अलावा मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और आर्टिलरी का प्रभावी इस्तेमाल किया था. पाकिस्तान को अंदाजा नहीं था कि भारत इस तरह की प्रतिक्रिया भी दे सकता है. नतीजा ये हुआ की बड़ी संख्या में पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवादी मारे गए. 

अब इस हमले के बाद पाकिस्तान ने बौखला कर भारत के सैन्य ठिकानों के अलावा आम नागरिकों पर हमले शुरू कर दिए. बदले में भारत ने फिर से जवाब दिया और इस बार पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को निशाना बना दिया. पाकिस्तान इन हमलों को रोकने में नाकाम रहा और उसे कुछ ही दिनों में सीजफायर की मांग करनी पड़ी. अपनी नाकामी छिपाने और घरेलू जनता का मनोबल बनाए रखने के लिए पाकिस्तान ने यह झूठा दावा फैलाया कि उसने भारत का राफेल गिराया है.

सोशल मीडिया पर पुराने फोटो और एडिट किए गए वीडियो फैलाए गए, लेकिन कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया.पाकिस्तान के इस झूठ की सच्चाई 26 जनवरी को खुद सामने आ गई. गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के फ्लाइपास्ट में राफेल फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी. इनमें वही राफेल BS-022 भी शामिल था, जिसके गिराए जाने का दावा पाकिस्तान ने किया था.अगर यह दावा सही होता, तो यह विमान न तो सेवा में होता और न ही राष्ट्रीय समारोह में उड़ता नजर आता. 

इसके अलावा, भारतीय वायुसेना ने इस साल खास “सिंदूर फॉर्मेशन” तैयार किया, जो ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित था. इस फॉर्मेशन में राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर जैसे विमान शामिल थे. यह भारत की हवाई ताकत और सटीक स्ट्राइक क्षमता का प्रतीक था. इस पूरे मामले में भारत ने किसी तरह की बयानबाजी नहीं की, बल्कि अपने काम से जवाब दिया. राफेल की उड़ान ही पाकिस्तान के झूठे प्रचार का सबसे बड़ा सबूत बन गई. यह दिखाता है कि भारत शोर नहीं, बल्कि प्रदर्शन पर भरोसा करता है. जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तानी DG-ISPR अपना अधिकतर वक्त सिर्फ इसी तरह के प्रोपोगैंडा को फैलाने में लगाता है.

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