ओवैसी और राजभर की पार्टी की तकरार अब गाली‑गलौज तक पहुंची

यूपी की राजनीति में ओम प्रकाश राजभर और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टियों के बीच तकरार अब तीखी जुबानी जंग में बदल गई है. दोनों पक्षों के नेताओं ने मंचों से एक‑दूसरे पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे राज्य की सियासत में भाषा की मर्यादा और राजनीतिक तनाव पर नई बहस छिड़ गई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ओम प्रकाश राजभर और असदुद्दीन ओवैसी के बीच सार्वजनिक मंचों पर तीखी और आपत्तिजनक भाषा का विवाद बढ़ा है
  • राजभर ने AIMIM नेताओं पर एक स्थानीय संदर्भ में 'अज्ञानी' शब्द का दोहराया उपयोग किया, जिससे राजनीतिक आलोचना हुई
  • AIMIM यूपी अध्यक्ष शौकत अली ने मेरठ में राजभर पर जवाबी हमला करते हुए विवाद को और तीव्र बना दिया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

भारतीय राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि यहां न कोई स्थाई दोस्त होता है और न स्थाई दुश्मन. लेकिन राजनीतिक वैमनस्य के बावजूद नेता आमतौर पर भाषा की मर्यादा बनाए रखने की कोशिश करते हैं. हालांकि उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक ऐसी जंग छिड़ी है, जिसमें न सिर्फ आरोप‑प्रत्यारोप चल रहे हैं, बल्कि नेताओं की जुबान में इतनी तल्ख़ी आ चुकी है कि सार्वजनिक मंचों पर भी बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

राजभर बनाम ओवैसी: रिश्तों में आई कड़वाहट

असल में यह विवाद ओम प्रकाश राजभर और असदुद्दीन ओवैसी के बीच है. हालांकि आमने‑सामने राजभर ही हैं, लेकिन ओवैसी की तरफ़ से मोर्चा उनके भरोसेमंद नेता और यूपी अध्यक्ष शौकत अली संभाल रहे हैं. ये विवाद तब तेज हुआ जब ओवैसी के भाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सार्वजनिक तौर पर चुनौती देने की बात कही. इसी चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने एक ऐसा शब्द इस्तेमाल कर दिया, जिसने राजनीतिक हलचल तेज कर दी.

ये भी पढ़ें : Himanta vs Owaisi: सियासत के दो बड़े चेहरे, पर पढ़ाई-लिखाई में कौन है किस पर भारी? जानें इनकी डिग्री

राजभर की तीखी प्रतिक्रिया

लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने AIMIM नेताओं पर हमला बोलते हुए बार‑बार एक शब्द का इस्तेमाल किया. रिपोर्टरों को लगा कि शायद मुंह से गलती से निकल गया होगा, लेकिन राजभर ने इसे दोहराते हुए सफाई दी कि पूर्वांचल में इस शब्द का अर्थ ‘अज्ञानी' के रूप में लिया जाता है. हालांकि, शब्द की प्रकृति और उसका संदर्भ देखते हुए इसे लेकर राजनीतिक दायरे में नाराज़गी और आलोचना दोनों देखने को मिली है.

Advertisement

ओवैसी की पार्टी की पलटवार भाषा

उधर, मेरठ में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन के मंच पर AIMIM यूपी अध्यक्ष शौकत अली ने जवाब देते हुए राजभर पर सीधा हमला बोला और अपने भाषण में आपत्तिजनक शब्द कहा. इस तरह दोनों पक्षों से लगातार भद्दी भाषा के इस्तेमाल ने विवाद को और गर्मा दिया है. एक समय था जब ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा से अलग होकर असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर यूपी में तीसरा मोर्चा खड़ा किया था. उस दौरान दोनों नेताओं के बीच खूब मेलजोल दिखता था.

ये भी पढ़ें :  देश को ऐसे कई दीपकों की जरूरत... ओवैसी ने की कोटद्वार के दीपक कुमार की तारीफ

Advertisement

ओवैसी, राजभर को यूपी का बड़ा नेता बताते हुए उन्हें संभावित मुख्यमंत्री तक कहने लगे थे. बदले में राजभर, AIMIM को डिप्टी सीएम पद देने की बात कह रहे थे. लेकिन यह गठबंधन ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया. 2022 विधानसभा चुनावों से पहले राजभर सपा के साथ चले गए, जबकि ओवैसी की पार्टी ने यूपी में चुनाव तो लड़ा, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली.

वर्तमान राजनीतिक समीकरण

आज की स्थिति में ओम प्रकाश राजभर, भाजपा में वापस आ चुके हैं और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. वहीं असदुद्दीन ओवैसी, यूपी में राजनीतिक जमीन तलाशते हुए 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर चुके हैं. उनकी इस आक्रामक चुनावी रणनीति के कारण वे सभी दलों के निशाने पर हैं. विपक्ष उन्हें अक्सर बीजेपी की “बी टीम” कहता है, तो बीजेपी उन्हें सांप्रदायिक राजनीति का प्रतीक बताकर हमला बोलती है.
 

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Trump On Iran | Trump झुक गए या रुक गए? Iran पर बयान से खलबली! | War News | Netanyahu