इसी महीने भारत आकर पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे एलन मस्क, फिर करेंगे ये बड़ा ऐलान

टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर 2 बिलियन डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है. ये माना जा रहा कि टेस्ला की टीम अपने प्रस्तावित प्लांट के लिए उपयुक्त जगह तलाशने के लिए कई राज्यों का दौरा कर सकती है

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नई दिल्ली:

इलेक्ट्रिक कार टेस्ला (Tesla)के चीफ एलन मस्क (Elon Musk ) अप्रैल में भारत दौरे पर आ रहे हैं. मस्क नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात करेंगे. माना जा रहा कि भारत दौरे पर एलन मस्क अपने इंवेस्टमेंट प्लान और भारत में इलेक्ट्रिक कार (Electric Vehicle) के प्लांट को लेकर कोई ऐलान कर सकते हैं.

न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, एलन मस्क 22 अप्रैल से शुरू हो रहे हफ्ते में भारत दौरे पर आयेंगे. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मस्क अलग से भारत में अपने निवेश करने के प्लान का खुलासा करेंगे. 

सरकार ने नई EV पॉलिसी में इंपोर्ट टैक्स 85% तक घटाया, भारत में टेस्ला की एंट्री हुई आसान

सूत्रों ने कहा कि ये दौरा बेहद गोपनीय है. पीएमओ और टेस्ला ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार किया है. हालांकि, एलन मस्क के भारत दौरे के एजेंडे में बदलाव भी देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला की टीम गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई राज्यों का दौरा कर सकती है.  

रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर 2 बिलियन डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है. ये माना जा रहा कि टेस्ला की टीम अपने प्रस्तावित प्लांट के लिए उपयुक्त जगह तलाशने के लिए कई राज्यों का दौरा कर सकती है. महाराष्ट्र और गुजरात ने टेस्ला को अपने यहां प्लांट लगाने के लिए जमीन के साथ अच्छा-खासा ऑफर भी दिया है. इसके अलावा तेलंगाना सरकार भी ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अपने यहां लाने के लिए बातचीत कर रही है. 

सरकार ने नई EV पॉलिसी में इंपोर्ट टैक्स 85% तक घटाया
सरकार ने हाल ही में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (EV Policy) का ऐलान किया है. इस पॉलिसी पर एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) समेत दुनियाभर की दिग्गज EV कंपनियों की नजर थी. सरकार ने एक निश्चित संख्या में EV या इलेक्ट्रिक व्हीकल के इंपोर्ट पर टैक्स में 85 पर्सेंट तक की कटौती की है. नई ईवी पॉलिसी में सबसे ज्यादा जोर फॉरिन इंवेस्टमेंट को भारत में लाने पर रहेगा. साथ ही भारत को ईवी टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन में आगे बढ़ाने की कोशिश भी की जाएगी. इसमें विदेशी कंपनियों को कम से कम 4,150 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट करना होगा. 

नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के बारे में सरकार ने कहा है कि ग्लोबल EV मैन्युफैक्चरर के E-व्हीकल सेक्टर में निवेश को आकर्षित करने के लिए इस पॉलिसी को डिज़ाइन किया गया है. वर्तमान में भारत इंपोर्टेड कारों पर उसकी कीमत के आधार पर 70-100 पर्सेंट तक इंपोर्ट टैक्स लगाता है.

एलन मस्क ने भारत में इंवेस्टमेंट की जताई थी इच्छा
एलन मस्क ने 2019 की शुरुआत में ही भारत में इंवेस्टमेंट की दिलचस्पी दिखाई थी. हालांकि, उन्होंने हाई इंपोर्ट टैक्स को लेकर आपत्ति जताई थी. अमेरिका में टेस्ला की सबसे सस्ती कार भारत में करीब 70 लाख रुपये में बिकती है.

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सरकार ने रखी थी ये शर्त
सरकार ने टेस्ला को भारत में चीन निर्मित कारों को बेचने की मंजूरी नहीं दी है. सरकार ने एलन मस्क की कंपनी को देश में ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने को कहा था, ताकि डोमेस्टिक सेल और एक्सपोर्ट के लिए प्रोड्क्शन हो सके. 

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EV कंपनियों को करना होगा न्यूनतम 4150 करोड़ रुपये का निवेश
शुक्रवार को घोषित की गई नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में सराकर ने EV कंपनियों को न्यूनतम 4150 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट करने, 3 साल के अंदर प्रोडक्शन फैसिलिटी बनाने और 5 साल के भीतर 50 पर्सेंट DVA या डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन तक पहुंचने का टारगेट दिया है. इसमें तीसरे साल तक 25 पर्सेंट और पांचवें साल तक 50 पर्सेंट का लोकलाइजेशन यानी स्थानीयकरण शामिल है. अगर कोई कंपनी भारत में अपना प्लांट लगाती है, तो उसे 35 हजार डॉलर और उससे अधिक कीमत वाली कारों की भारत में असेंबलिंग पर 15 पर्सेंट कस्टम्स ड्यूटी चुकानी पड़ेगी. यह सुविधा 5 साल के लिए मिलेगी.

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