- फरीदाबाद जिला जेल में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की कैदी अरुण चौधरी ने हत्या कर दी
- अब्दुल रहमान की उम्र बीस वर्ष थी और वह उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मिल्कीपुर का निवासी था
- उसकी गिरफ्तारी दो मार्च को गुजरात और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पाली गांव के पास हुई थी
फरीदाबाद से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां जिला जेल में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई. मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला रविवार रात उस समय हुआ जब कश्मीर निवासी कैदी अरुण चौधरी ने नुकीली चीज से उसके सिर पर कई वार किए. हमले के तुरंत बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और घायल अब्दुल रहमान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
20 साल का था आतंकी अब्दुल रहमान
मृतक अब्दुल रहमान की उम्र 20 साल थी और वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मिल्कीपुर का रहने वाला था. उसे 2 मार्च 2025 को गुजरात और हरियाणा STF की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद के पाली गांव के पास से गिरफ्तार किया गया था. उसकी गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षा एजेंसियों ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज़ किया.
अयोध्या में बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाने का था आरोप
जांच में यह भी सामने आया था कि अब्दुल रहमान अयोध्या में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था. उसके फोन से मिले कुछ वीडियो और डेटा में राम मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण लोकेशन, रास्ते और गतिविधियों की जानकारी मिलने का दावा किया गया था. एजेंसियों ने इसे संभावित हमले की साजिश मानते हुए उस पर UAPA समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था.
अरुण चौधरी और अब्दुल रहमान एक ही बैरक में बंद था
जेल प्रशासन ने बताया कि आरोपी अरुण चौधरी और अब्दुल रहमान एक ही बैरक में बंद थे. दोनों के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ, इसे लेकर फिलहाल जांच जारी है. हमले में इस्तेमाल नुकीली चीज कहां से आई, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं. फरीदाबाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी अरुण चौधरी से सख्त पूछताछ की जा रही है.
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