"सच्चाई से बिल्कुल उलट..": राज्यपाल पर पेट्रोल बम से हमले के दावे को तमिलनाडु पुलिस ने किया खारिज

तमिलनाडु के डीजीपी ने कहा कि राजभवन की कड़ी सुरक्षा के तहत आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.

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तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि.
नई दिल्ली/चेन्नई:

तमिलनाडु पुलिस प्रमुख ने आज एक वीडियो जारी कर उन दावों को खारिज कर दिया कि राजभवन पर हमला हुआ था और बम ले जाने वाले उपद्रवियों ने मुख्य द्वार से परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की थी. पुलिस महानिदेशक शंकर जिवाल ने कहा, "कोई सुरक्षा चूक नहीं हुई है."

डीजीपी ने कहा, "शिकायत में राजभवन के अधिकारी द्वारा दावा किया गया था कि एक से अधिक लोग शामिल थे और जब उन्होंने राजभवन में प्रवेश करने की कोशिश की, तो उन्हें संतरी ने रोका. ऐसे सभी दावे सच्चाई के विपरीत हैं."

राज्य पुलिस प्रमुख ने कहा कि राजभवन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. किसी को कोई क्षति या चोट नहीं आई. जिस विनोद नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है, वो पिछले साल चेन्नई में बीजेपी दफ्तर के बाहर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में आठ महीने तक जेल में था.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, "आरोपी को उसके मानसिक स्वास्थ्य की जांच के लिए भेजा जाएगा."

अपनी पुलिस शिकायत में, राजभवन ने बुधवार को द्रमुक और सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा राज्यपाल पर गंदी गालियां देने और जान से मारने की धमकियां देने के लिए निशाना साधा. इसमें कहा गया है, "इन धमकियों का उद्देश्य राज्यपाल को भयभीत करना और उनके संवैधानिक कर्तव्यों को रोकना है."

राजभवन के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सत्तारूढ़ द्रमुक के कानून मंत्री एस रेगुपति ने कहा, "हमने केवल लोगों को समझने के लिए राज्यपाल के आरोपों का जवाब दिया है. हमने उनके खिलाफ कभी नफरत नहीं फैलाई. ये राज्यपाल हैं जो पूरे तमिलनाडु में नफरत फैलाते हैं."

मंत्री ने संदेह व्यक्त किया कि जिस व्यक्ति पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित होने का संदेह है, राज्य सरकार की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया था.

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