हर्षा रिछारिया ने धर्म और सत्संग का मार्ग छोड़ने का फैसला किया है. वह अपने पुराने काम पर लौटेंगी. साध्वी बनने से पहले हर्षा एंकरिंग करती थीं, अब वो फिर से एंकरिंग करती नजर आ सकती है. हर्षा ने कहा कि धर्म के रास्ते पर चलते हुए उन्हें विरोध और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. वे अब कर्ज में डूबी हैं.