- मिडिल ईस्ट संकट के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी की मांग बढ़ी और तमिलनाडु सरकार ने राहत उपाय लागू किए हैं
- मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने रेस्टोरेंट को ₹2 प्रति यूनिट बिजली सब्सिडी और इंडक्शन स्टोव के लिए समर्थन दिया
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को इलेक्ट्रिक किचन के लिए सब्सिडाइज्ड लोन देने की योजना सरकार ने शुरू की
मिडिल ईस्ट में गहराते संकट ने दुनियाभर में तेल आपूर्ति को प्रभावित कर दिया है. जिसकी वजह से भारत की भी सिरदर्दी बढ़ गई है. ईरान-इजरायल की जंग के बीच कमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) की मांग बढ़ने और आपूर्ति पर असर के बीच तमिलनाडु सरकार ने रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों को बड़ी राहत दी है. राज्य सरकार ने बिजली बिल पर ₹2 प्रति यूनिट सब्सिडी देने और इलेक्ट्रिक किचन के लिए सब्सिडाइज्ड लोन मुहैया कराने की घोषणा की है.
इंडक्शन स्टोव की ओर बढ़े रेस्टोरेंट, सरकार का दखल
राज्य में कई रेस्टोरेंट से निपटने के लिए इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल करने लगे हैं. इसी को देखते हुए CM एम. के. स्टालिन ने कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती मांग और होटल एसोसिएशन की ओर से उठाई गई मांगों को लेकर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रेस्टोरेंट के लिए ₹2 प्रति यूनिट बिजली सब्सिडी की घोषणा की. इसके साथ ही स्थिति पर नजर रखने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अधिकारियों के साथ तालमेल के लिए दो समितियों का गठन किया गया. इनमें एक राज्य‑स्तरीय समिति, जिसकी अध्यक्षता गृह सचिव करेंगे, और एक जिला‑स्तरीय समिति, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे.
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इलेक्ट्रिक किचन के लिए सब्सिडाइज्ड लोन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने इलेक्ट्रिक किचन की स्थापना को आसान बनाने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सब्सिडाइज्ड लोन देने की भी घोषणा की. बेरोज़गार युवा रोजगार सृजन कार्यक्रम (UYEGP) के तहत इलेक्ट्रिक कुकिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम ₹3.75 लाख तक का ऋण दिया जाएगा. इसी तरह तमिलनाडु महिला उद्यमी योजना और अन्नल अंबेडकर बिज़नेस चैंपियंस योजना के तहत भी सब्सिडाइज्ड लोन उपलब्ध कराया जाएगा.
LPG प्रतिबंध जारी रहने तक लागू रहेगी बिजली सब्सिडी
तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (TANGEDCO) के प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन ने बताया कि ₹2 प्रति यूनिट बिजली सब्सिडी तब तक जारी रहेगी, जब तक केंद्र सरकार की ओर से कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंध लागू रहेंगे. उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल 60,698 उद्योग एलपीजी, सीएनजी या अन्य ईंधनों का उपयोग कर रहे हैं. अगर वे केरोसिन, आरडीएफ या बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधनों पर शिफ्ट करते हैं, तो उन्हें तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नई अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, केवल सूचना देना पर्याप्त होगा.
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रेस्टोरेंट बंद होने से सप्लाई चेन पर असर
राधाकृष्णन ने यह भी कहा कि इस संकट के कारण कई रेस्टोरेंट बंद हो गए, जिससे दूध और सब्ज़ी विक्रेताओं पर असर पड़ा. इसे देखते हुए दुग्ध सहकारी समितियों को दूध की खरीद के लिए सामूहिक अनुमति दी गई है, जबकि सब्ज़ियों की खरीद राज्य‑संचालित उझावर संधई बाज़ारों के माध्यम से की जाएगी.
LPG और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता, घबराने की जरूरत नहीं: IOCL
इस बीच इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के स्टेट कोर्डिनेटर एम. अन्नादुरई ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में घबराहट के चलते पेट्रोल की बिक्री में 100 प्रतिशत और डीज़ल की बिक्री में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन आपूर्ति पूरी तरह पर्याप्त है. अन्नादुरई ने यह भी कहा कि अवैध एलपीजी जमाखोरी की शिकायतों पर IOCL और सरकारी अधिकारी मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं.
(पीटीआई इनपुट्स के साथ)














