पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद नतीजों से पहले ईवीएम छेड़छाड़ को लेकर सियासत गरमा गई है. भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के स्ट्रॉन्गरूम से जुड़े आरोपों पर बीजेपी नेता और सुवेंदु अधिकारी के चुनाव एजेंट सूर्यनील दास ने टीएमसी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर बीती रात जो ड्रामा हुआ, वह टीएमसी समर्थित असामाजिक तत्वों की ओर से पूरी तरह प्री‑प्लान्ड था.
सूर्यनील दास ने कहा कि टीएमसी अपनी हार देख रही है और नतीजों को स्वीकार नहीं कर पा रही, इसलिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि यह ड्रामा एक नहीं बल्कि तीन जगहों पर दोहराया गया. भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम, नेताजी इनडोर स्ट्रॉन्गरूम और बालिका गवर्नमेंट हाईस्कूल के स्ट्रॉन्गरूम में.
'72 घंटों से जाग रहे'
सूर्यनील दास के मुताबिक, वह पिछले 72 घंटों से लगातार जाग रहे हैं, क्योंकि आमतौर पर मतदान के बाद लोग रिलैक्स करते हैं, लेकिन टीएमसी ने जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि टीएमसी पिछले 10-15 सालों से चुनावों के दौरान हिंसा कराने की आदी रही है. इस बार जब वे ऐसा नहीं कर पाए, तो अब ईवीएम का मुद्दा उठाकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम पूरी तरह सुरक्षित है और वहां उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है. साथ ही केंद्रीय बल अगले छह महीनों तक बंगाल में तैनात रहेंगे, इसलिए बीजेपी को किसी भी तरह की पोस्ट‑रिजल्ट हिंसा की चिंता नहीं है.
ममता बनर्जी का आरोप, चार घंटे स्ट्रॉन्गरूम में रहीं
दूसरी ओर, टीएमसी ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाए. पार्टी नेताओं कुणाल घोष और डॉ. शशि पांजा ने दावा किया कि स्ट्रॉन्गरूम में असामान्य गतिविधि देखी गई. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भवानीपुर के स्ट्रॉन्गरूम पहुंचीं और करीब चार घंटे तक वहां मौजूद रहीं. ममता ने चेतावनी दी कि अगर ईवीएम लूटने या मतगणना में गड़बड़ी की कोशिश हुई तो टीएमसी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि सभी स्ट्रॉन्गरूम सुरक्षित रूप से सील हैं और ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं. आयोग के अनुसार, मतदान वाली ईवीएम और पोस्टल बैलेट के लिए अलग‑अलग स्ट्रॉन्गरूम बनाए गए हैं और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार हुई हैं.
बीजेपी ने कहा- डर का माहौल बना रही है TMC
बीजेपी नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को बेहद निराधार बताया है. उनका कहना है कि हार की आशंका के चलते टीएमसी भ्रम और डर का माहौल बनाना चाहती है. बीजेपी का दावा है कि पूरी मतगणना प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ होगी. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में संपन्न हो चुका है और 4 मई को मतगणना होनी है. इससे पहले ईवीएम को लेकर उठा विवाद राज्य की सियासत को और गरमा गया है.














