लाडकी बहिन योजना में बहनों के पैसे डकार गए 14 हजार मर्द! सुप्रिया सुले के आरोप पर क्‍या बोले अजित पवार?

अजित पवार ने बताया कि लाभार्थियों की जांच के दौरान कुछ ऐसी महिलाएं भी पाई गईं, जिन्हें नौकरी होने के बावजूद लाभ दिया जा रहा था, ऐसी महिलाओं के नाम योजना-सूची से हटा दिए गए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने लाडकी बहिन योजना में 14 हजार पुरुषों को गलत लाभ मिलने का गंभीर आरोप लगाया है.
  • आरोप के मुताबिक योजना में भ्रष्टाचार की आशंका है, इसके तहत करीब 21 करोड़ रुपये पुरुषों को वितरित किए गए.
  • सुप्रिया सुले ने CBI जांच की मांग की. सरकार से दोषी पुरुषों व ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की अपील की.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

एनसीपी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने महाराष्‍ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना(लाडली बहना योजना) में भ्रष्‍टाचार का गंभीर आरोप लगाया है. उन्‍होंने दावा किया है कि इस योजना के तहत 14 हजार पुरुषों को गलत तरीके से लाभ मिला है. उन्‍होंने सीबीआई जांच की मांग कर दी है. उनके दावे के बाद महाराष्‍ट्र में राजनीति तेज हो गई है. वहीं, दूसरी ओर रिश्‍ते में भाई और महाराष्‍ट्र के उप मुख्‍यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और दोषी पुरुषों से वसूली भी करेगी.  

'21 करोड़ रुपये गटक गए पुरुष' 

सुप्रिया सुले ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अगस्त 2024 में शुरू की गई इस योजना के लाभार्थियों की सूची में 14 हजार पुरुष शामिल हैं. ऐसे लोगों को करीब 21 करोड़ रुपये बांटे गए हैं. सुले ने पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, ' इस बात की जांच होनी चाहिए कि महिलाओं के लिए जो योजना बनी, उसमें पुरुषों के नाम किसने दर्ज कराए.' 

उन्‍होंने पूछा कि किन ठेकेदारों ने पुरुषों के नाम डाले. उनके खिलाफ सत्ताधारी गठबंधन तुरंत कार्रवाई करे. सुले ने कहा कि सरकार छोटे से छोटे आरोपों पर भी सीबीआई या ईडी जांच शुरू कर देती है तो इस मामले में भी सीबीआई जांच का ऐलान किया जाना चाहिए.   

अजित पवार बोले: एक-एक पैसा वसूलेंगे 

डिप्‍टी सीएम और वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा कि लाडकी बहिन योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है, इसलिए किसी पुरुष को लाभार्थी सूची में शामिल करने का कोई औचित्य नहीं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी पुरुष को योजना का लाभ मिला है तो अब तक दी गई राशि वसूली जाएगी. इसमें सहयोग नहीं करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सरकार करेगी. 

Advertisement

अजित पवार ने बताया कि लाभार्थियों की जांच के दौरान कुछ ऐसी महिलाएं भी पाई गईं, जिन्हें नौकरी होने के बावजूद लाभ दिया जा रहा था, ऐसी महिलाओं के नाम योजना-सूची से हटा दिए गए हैं.

योजना पर सवाल उठाती रही हैं सुप्रिया 

सुप्रिया सुले इस योजना पर सवाल उठाती रही हैं. इस योजना की घोषणा की टाइमिंग को लेकर भी उन्‍होंने कटाक्ष किया था. विधानसभा के चुनावी माहौल से पहले अगस्‍त 2024 में उन्‍होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आखिर अभी क्यों लाड़ली बहना योजना लाई गई है. उन्होंने कटाक्ष किया ये सरकार कह रही है कि एक बहन गई तो क्या हुआ? एक और बहन आएगी. मैं इन भाइयों से कहना चाहती हूं कि ये रिश्ता 1,500 रुपये में बिकने वाला नहीं है. सुप्रिया सुले ने कहा कि ये तो भाई-बहन के रिश्ते का अपमान है. बहन और भाई के बीच सिर्फ प्यार होता है, इसकी कीमत नहीं लगाई जाती.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: Lebanon का असली मुजरिम Pakistan? | Iran US Ceasefire |Trump