एक जनवरी 2023 को 'एडवोकेट एपीयरेंस पोर्टल' की शुरुआत करेगा सुप्रीम कोर्ट: चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस ने कहा, ‘‘हम उपस्थिति मेमो की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर रहे हैं. वकील जो भी अपलोड करेंगे, वह हमें मिल जाएगा. ‘कोर्ट मास्टर्स’ को इसे टाइप नहीं करना होगा.’’

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नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट को 'कागज मुक्त' बनाने और डिजिटलीकरण की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को कहा कि एक जनवरी, 2023 को 'एडवोकेट एपीयरेंस पोर्टल' की शुरुआत की जाएगी. इसके बाद वकीलों को उपस्थिति पर्ची को हाथों से जमा करने की जरूरत नहीं रह जाएगी और वे अपनी हाजिरी दर्ज कराने के लिए ‘एडवोकेट एपीयरेंस पोर्टल' पर ‘लॉग इन' कर सकेंगे.

फिलहाल वकील सुनवाई में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक निर्धारित फॉर्म पर मामले और उसके क्रमांक जैसे विवरणों के साथ अपना नाम लिखते हैं, ताकि उनके नाम अदालत के आदेशों में दिखाई दें.

शुक्रवार को सुनवाई शुरू होने से ठीक पहले प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम उपस्थिति मेमो की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर रहे हैं. वकील जो भी अपलोड करेंगे, वह हमें मिल जाएगा. ‘कोर्ट मास्टर्स' को इसे टाइप नहीं करना होगा.''

बाद में उच्चतम न्यायालय ने एक बयान जारी कर नये साल से ‘एडवोकेट एपीयरेंस पोर्टल' की शुरुआत करने की घोषणा की.

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