बाढ़ पर SC का राज्यों को नोटिस, 3 हफ्ते में मांगा जवाब... CJI बोले- ऐसा लगता है कि पेड़ों की अवैध कटाई हुई है

उत्तर भारत के कई राज्य भारी बारिश के बाद अब बाढ़ की चपेट में हैं. हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. पंजाब में कई दशकों बाद नदियां इस तरह से उफान पर दिख रही हैं. कई इलाके जलमग्न हो गए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • SC ने उत्तर भारत के बाढ़ प्रभावित राज्यों में अवैध पेड़ कटाई के प्रथम दृष्टया प्रमाण पर चिंता जताई है.
  • कोर्ट ने पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और J&K सरकारों को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है.
  • IMD ने उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई राज्य बीते कुछ दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं. बाढ़ से प्रभावित राज्यों में जम्मू-कश्मीर और पंजाब भी शामिल हैं. इन राज्यों में मौजूदा हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक बड़ी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI)  बीआर गवई और उनकी पीठ ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि पेड़ों की अवैध कटाई हुई है. कोर्ट ने मौजूदा हालात को लेकर राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है. मौजूदा हालात को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. 

CJI ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा  कि यह ऊपरी पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई का संकेत है. CJI बीआर गवई और के विनोद चंद्रन की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इसके कारणों का पता लगाएं. 

इसपर सॉलिसिटर जनरल (SG) मेहता ने कहा कि वह पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सचिव से संपर्क करेंगे और उनसे विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अनुरोध करेंगे. हमने प्रकृति के साथ इतना हस्तक्षेप किया है कि अब वह हमें नुकसान पहुंचा रही है.इस पर मुख्य न्यायाधीश ने सहमति जताई. 

CJI गवई ने आगे कहा कि हमने अभूतपूर्व बारिश और बाढ़ देखी है. ये एक बहुत ही गंभीर मामला  लगता है.  हम पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर राज्य को नोटिस जारी करते हैं. इन राज्यों की सरकारें अगले तीन हफ्ते में हमे जवाब दें. उन्होंने SG तुषार मेहता से कहा कि केंद्र भी इस पर ध्यान दें . यह एक बहुत ही गंभीर मामला लग रहा है. मीडिया में दिखाया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में लकड़ी के ब्लॉक बह रहे हैं. 

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई राज्‍यों में आसमान से आफत बरस रही है. फ्लैश फ्लड यानी बादल फटने की घटनाओं, भारी बारिश और लैंडस्‍लाइड जैसी आपदाओं में सैकड़ों जानें गई हैं. ये आफत थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अब एक बार‍ फिर कई राज्‍यों में संकट के बादल छाए हुए हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने  चार राज्यों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है. इन राज्‍यों में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं. मंगलवार को उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद ये अलर्ट जारी किया गया है.

Featured Video Of The Day
Nepal Election 2026 Results: रैपर, मेयर के बाद अब PM? कौन हैं नेपाल में Gen-Z के हीरो Balen Shah?
Topics mentioned in this article