सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य के खिलाफ CAMPA फंड के दुरुपयोग मामले की कार्यवाही बंद की

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी कि आपका राज्य इतना गरीब है कि वह स्टेशनरी पर खर्च नहीं कर सकता है और उसे वनरोपण के लिए निर्धारित फंड से ही खर्च करना पड़ता है?

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई विचलन न हो.
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य के खिलाफ प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) फंड के दुरुपयोग के मामले में कार्यवाही बंद कर दी है. उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी. सरकार ने CAG द्वारा चिन्हित CAMPA फंड के दुरुपयोग के जवाब में हलफनामा दायर किया है. हलफनामे के अनुसार, गतिविधियों पर खर्च की गई राशि कुल फंड का 1.8 फीसदी है. जबकि कुल CAMPA फंड 753.56 करोड़ रुपये है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई विचलन न हो. राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि उपयोग की गई राशि ब्याज सहित चुकाई जाएगी. जब केंद्र ब्याज दर अधिसूचित करेगा.  SC ने यह दलीलें सुनने के बाद कार्यवाही बंद की कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है.

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुल राशि 753.56 करोड़ है और उपयोग की गई राशि 1.8 फीसदी है. लेकिन फिर भी iPhone और लैपटॉप खरीदने का औचित्य नहीं है. हरेरा उत्सव के लिए एक करोड़ खर्च किए गए, यह वृक्षारोपण जागरूकता का हिस्सा है. फर्नीचर की खरीद, शिकार विरोधी योजना, वन कार्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य और कुछ राशि का उपयोग वन अधिकारियों द्वारा अपने निजी फर्नीचर के लिए किया गया और हमने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है. टाइगर सफारी पर खर्च CAMPA से नहीं बल्कि समेकित निधि से होना चाहिए था और जांच पहले से ही चल रही है.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी कि आपका राज्य इतना गरीब है कि वह स्टेशनरी पर खर्च नहीं कर सकता है और उसे वनरोपण के लिए निर्धारित फंड से ही खर्च करना पड़ता है?

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