- सुप्रीम कोर्ट ने प्रणव चोकसी की याचिका को खारिज कर दिया है जो पक्षकार बनाए जाने के फैसले को चुनौती दे रही थी.
- CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि आपके सम्मानित पिता इन दिनों कहां हैं?
- मेहुल चोकसी पर बैंकों को कुल 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने का आरोप है.
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के बेटे प्रणव चोकसी की याचिका को खारिज कर दिया है. इस याचिका में प्रणव चोकसी ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) द्वारा 937 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की वसूली के लिए दायर मुकदमे में उन्हें पक्षकार बनाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी.
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा, आपके सम्मानित पिता इन दिनों कहां हैं? पूरा देश उन्हें रेड-कारपेट वेलकम देने के लिए उत्सुक है.
50 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा
NSEL ने वर्ष 2015 में 50 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ वसूली का मुकदमा दायर किया था. आरोप है कि एनके प्रोटीन्स कंपनी के शेयरधारक होने के कारण प्रणव चोकसी उस ट्रेड के लाभार्थी थे, जिसे कंपनी ने कमोडिटी के स्पॉट कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंजाम दिया था.
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के साथ ही प्रणव चोकसी को मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने के खिलाफ उनकी चुनौती समाप्त हो गई है.
मेहुल चोकसी पर है ये आरोप
बता दें कि मेहुल चोकसी की कंपनियों पर अलग-अलग बैंकों को कुल 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाने का आरोप है. मेहुल चोकसी इस समय बेल्जियम के एंटवर्प शहर की जेल में बंद हैं. भारत के कहने पर उसकी गिरफ्तारी हुई थी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है. अब तक बेल्जियम की अदालतों से उसे कोई राहत नहीं मिली है.














