'मदर ऑफ ऑल डील' के पहले यूरोपीय यूनियन का संदेश, सफल भारत दुनिया को बनाएगा सुरक्षित

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. मंगलवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से पहले उन्होंने कहा कि एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है. और इसका फायदा हम सभी को होता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. उनके साथ यूरोपीय परिषद के प्रमुख लुइस सैंटोस दा कोस्टा भी थे.उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है. उनका यह बयान भारत और यूरोपीय संघ के बीच मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक व्यापार समझौते से पहले आया है. डेर लेयेन तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं.यूरोपीय संघ (ईयू) के दो शीर्ष नेताओं ने मुख्य अतिथि के रूप में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार भाग लिया.

डेर लेयेन ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है,''एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है. और इसका फायदा हम सभी को होता है.''
 

भारत और यूरोपीय आयोग में व्यापार समझौता

भारत और यूरोपीय आयोग  शिखर सम्मेलन में लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की घोषणा कर सकते हैं. नई दिल्ली आने से कुछ दिन पहले ही उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बहुत करीब हैं. यह समझौता दो अरब लोगों का साझा बाजार बनाएगा, जो दुनिया की कुल जीडीपी का करीब 25 फीसदी होगा. 

Advertisement

उन्होंने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा था,''मैं भारत जा रही हूं. अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं. कुछ लोग इसे 'मदर ऑफ ऑल ट्रेड' कह रहे हैं.'' उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक के साथ पहले कदम का फायदा देगा.

भारत और यूरोपीय संघ में व्यापार संबंध

यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.साल 2023-24 में दोनों के बीच 135 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का व्यापार हुआ था.भारत और यूरोपीय संघ ने पहली बार 2007 में मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की थी, लेकिन 2013 में बातचीत रोक दी गई. इसे 2022 में फिर से शुरू किया गया.

Advertisement

खबरों के मुताबिक, भारत यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों पर टैक्स को 110 फीसदी से घटाकर 40 फीसदी करने की योजना बना रहा है. भारत सरकार ने यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों से आने वाली कुछ महंगी कारों (जिनकी कीमत 15 हजार यूरो से ज्यादा है) पर टैक्स तुरंत कम करने पर सहमति दी है. भविष्य में इसे और घटाकर 10 फीसदी तक किया जाएगा. इससे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्लू जैसी यूरोपीय कार कंपनियों को भारतीय बाजार में आसानी होगी.

ये भी पढ़ें: हेलमेट क्लोज, ब्लैक चश्मा ऑन.. यूं हवा में उड़ा राफेल, गणतंत्र दिवस पर वायुसेना की करतब का वीडियो देखें

Featured Video Of The Day
Trump Big Statement: Iran के तेल पर कब्जा करना मेरा पसंदीदा काम, खार्ग द्वीप ले सकते हैं
Topics mentioned in this article