पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से टीएमसी के सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने NDTV को दिए खास इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर बात की है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर अपनी राय स्पष्ट की है. तो पीएम मोदी और बीजेपी से अपने संबंधों और भविष्य की राजनीति को लेकर भी खुलकर बात की है. जबकि राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की है. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राम मंदिर में जो हुआ है, उसका राजनीतिक और सामाजिक तौर पर गहरा असर होगा.
अभिषेक बनर्जी व्यवहार ठीक था: शत्रुघ्न सिन्हा
ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उनका व्यवहार ठीक था. मुझ से उन्होंने आज तक कोई इसी तरह की बात नहीं की है. अचानक से ऐसा क्या हो गया कि सब ममता बनर्जी के खिलाफ चले गए. अभिषेक के व्यवहार में ऐसा कुछ नहीं था. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी टीएमसी के सेक्रेटरी जनरल नहीं बल्कि जनरल हैं. अभी हाल में उन पर हिंसा की कोशिश हुई, लेकिन वह डटे रहे.
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— NDTV India (@ndtvindia) June 27, 2026
'मैं फिलहाल ममता बनर्जी के साथ हूं'
अपने भविष्य के बारे में बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैं फिलहाल ममता बनर्जी के साथ हूं. उनसे सवाल हुआ कि आप फिलहाल वाली बात क्यों कह रहे हैं. इस पर कहा कि इसमें गलत क्या है. मैं दो नाव की सवारी नहीं करता, यह साफ है. कल क्या होगा, किसी को क्या पता है. लेकिन फिलहाल मैं ममता बनर्जी के साथ हूं क्योंकि उनकी विचारधारा मुझे पसंद है. उन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ दिया है. सांसदों के पार्टी छोड़कर निकलने के दौरान क्या ममता ने क्या कहा था? इस पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का मेरे पास फोन आया था. उन्होंने कहा था कि मुझे विश्वास था कि आप कहीं नहीं जाएंगे. उस पर मैंने कहा कि मेरा तो तीन लाइन का व्हिप है- ममता जी के साथ था, साथ हू और साथ रहूंगा.'
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'पीएम मोदी को बहुत मानता हूं'
शत्रुघ्न सिन्हा से सवाल हुआ कि यदि पीएम मोदी फोन करें या मिलने बुलाएं और कहें कि वापस आ जाओ? इस पर शॉटगन ने कहा कि मैं उन्हें बहुत मानता हूं. मुझे जिन लोगों के कारण भाजपा छोड़नी पड़ी, उनमें से कई तो दुनिया में नहीं है. मैं जब उपचुनाव में जीता था तो उन्होंने मुझे बधाई दी थी. उन्होंने कहा कि फोन आएगा तो बहुत अच्छे से बात होगी. अमित शाह से भी मेरे अच्छे रिश्ते हैं. पहले आडवाणी जी का फोन आता था, अब कई बार अमित शाह का आता है. फिर भी सवाल यह है कि मुझे फोन क्यों करेंगे, जब जानते हैं कि आप दूसरे स्थान पर हैं. मेरा फिलहाल दल बदलने का कोई इरादा नहीं है.
राम मंदिर ट्रस्ट में धांधली को लेकर सिन्हा ने कहा कि उस पर पूरा कंट्रोल तो केंद्र सरकार का रहा है. सिन्हा ने कहा कि इस मामले में पहले एफआईआर क्यों नहीं हुई. आपने संशय को लगातार बढ़ाया. एसआईटी का काम सुझाव देना नहीं है बल्कि अपराधी कौन हैं, यह बताना है. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राम मंदिर में जो हुआ है, उसका राजनीतिक और सामाजिक तौर पर गहरा असर होगा.
विपक्षी दल मिलकर लड़ें
विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व के सवाल पर सिन्हा ने कहा कि जिसके पास संख्या ज्यादा हो, उसे लीडरशिप करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यूपी में तो अखिलेश ही नेता है. राष्ट्रीय स्तर पर बात करें तो यह स्थिति कांग्रेस की है। बिहार में तो तेजस्वी यादव ही हैं. क्या क्षेत्रीय दल खत्म हो रहे हैं. क्या कांग्रेस से मर्जर होना चाहिए. इस पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अपनी पहचान बनाए रखना चाहिए. क्षेत्रीय दलों की अपनी पहचान है. उनकी मेहनत है और समाज में उनकी ताकत है और वे प्रतिनिधित्व करती हैं. कभी भी राष्ट्रीय पार्टियां स्थानीय स्तर पर सबकी आवाज नहीं हो सकतीं. हम चाहेंगे कि सभी विपक्षी दल मिलकर लड़ें.
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