दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके की फैज ए इलाही मस्जिद के निकट अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी के आरोपियों पर दिल्ली पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.पुलिस करीब 100 सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की धरपकड़ में जुटी है. एक वीडियो में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी नजर आ रहे हैं और उनसे भी पूछताछ की जा सकती है. सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी सांसद को जांच में शामिल होने के लिए जल्द ही समन भेजा सकता है. मोहिबुल्लाह नदवी फैज ए इलाही मस्जिद के पास हिंसा भड़कने के दौरान घटनास्थल पर मौजूद थे. दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों के लगातार अनुरोध के बावजूद वो वहीं खड़े रहे. वो बैरीकेड को धक्का देकर आगे बढ़ने की कोशिश भी करते देखे गए.
पार्लियामेंट स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम
मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के रजानगर गांव के निवासी हैं. वो 2005 से दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट की जामा मस्जिद में इमाम की भूमिका निभा रहे हैं. लोकसभा चुनाव 2024 में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सबको चौंकाते हुए उन्हें रामपुर से उम्मीदवार बनाया और वो जीते.बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के नदवी पर अखिलेश ने भरोसा जताया और आखिरी दिन नामांकन के बाद 87 हजार वोटों से धमाकेदार जीत दर्ज की.
नदवी ने जिहाद का दिया था विवादित बयान
नदवी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. पिछले साल सपा सांसद नदवी पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद में कई अन्य समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ नजर आए थे. इसमें डिंपल यादव भी थीं. मस्जिद में राजनीतिक दल के नेताओं की बैठक को लेकर तमाम सवाल उठे थे. नदवी ने जिहाद को लेकर भी संसद में भड़काऊ बयान दिया था. उन्होंने जब जब जुल्म होगा, तब तब जिहाद वाले बयान का समर्थन किया था.
नदवी ने रामपुर के कुरान की शिक्षा ली और फिर संभल के एक मदरसा से भी पढ़ाई की. वहां से वो लखनऊ के दारूल उलूम नदवातुल उलेमा में इस्लामिक अध्ययन करने गए. वहां से वो जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से भी पढ़ाई की और अररी भाषा में ग्रेजुएशन किया. फिर फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज में एमए और बीएड किया.
नदवी उन पांच मुस्लिम सांसदों में से एक हैं, जो यूपी से चुनकर आए. मोहिबुल्लाह पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह के जरिये अखिलेश और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आए. नदवी 2012 में पहली बार अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के दौरान उनकी मुलाकात हुई. नदवी के सपा के पूर्व सांसद दिवंगत शफीकुर्ररहमान बर्क से भी अच्छे रिश्ते रहे. बर्क की तरह वो भी तुर्की मुस्लिम हैं.
बताया जाता है कि रामपुर से अखिलेश पहले बदायूं के पूर्व सांसद सलीम शेरवानी, कमाल अख्तर या मुरादाबाद के पूर्व सांसद एसटी हसन को चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था, लेकिन सभी ने इसे ठुकरा दिया तो नदवी को मौका मिल गया.
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