- अगले महीने राज्यसभा की 22 सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव के लिए अधिसूचना जल्द जारी होगी
- खाली हो रही सीटों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित 8 राज्यों की सीटें शामिल हैं
- 22 सांसदों में से ग्यारह भाजपा के, चार कांग्रेस के और बाकी क्षेत्रीय दलों के सदस्य हैं
अगले महीने राज्यसभा की खाली हो रही 22 सीटों पर चुनाव होने हैं. प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन और रवनीत सिंह बिट्टू सहित कई नाम हैं, जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग इसको लेकर जल्द ही अधिसूचना जारी करेगा.
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात से चार-चार सीटें खाली हो रही हैं. राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन-तीन सीटें खाली होने जा रही हैं. वहीं मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और झारखंड से एक-एक सीट खाली होगी. इनके अलावा झारखंड, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से एक-एक सीट पर उपचुनाव भी हो सकता है.
केंद्रीय मंत्रियों पर तलवार लटकी!
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण और रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है. इसी तरह अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो रहा है.
माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रवनीत सिंह को पार्टी दोबारा राज्यसभा भेज सकती है. वहीं कूरियन को केरल चुनाव के मद्देनजर सरकार में लाया गया था. अब देखना होगा कि बीजेपी उन्हें फिर से राज्यसभा भेजती है या नहीं. केंद्रीय मंत्रि परिषद में इन दोनों मंत्रियों का बना रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि वे फिर से राज्यसभा में आते हैं या नहीं.
खरगे और दिग्विजय सिंह की खाली हो रही सीट
कर्नाटक से संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को तीन सीटें मिल सकती हैं. इनमें से एक पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का चुना जाना तय माना जा रहा है. वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक सीट जीतने के लिए जोर लगाना पड़ेगा. हालांकि उसके पास केवल छह सरप्लस वोट हैं. ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता पर दांव लगाया जा सकता है. खुद दिग्विजय सिंह फिर से राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं. राज्य में दो सीटें बीजेपी और एक कांग्रेस को मिल सकती है. बीजेपी की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन भी दौड़ में हैं.
गुजरात में कांग्रेस जीरो
कांग्रेस को बड़ा झटका गुजरात में लगने जा रहा है. अभी गुजरात से राज्यसभा की ग्यारह सीटें में कांग्रेस के केवल एक ही सदस्य हैं. शक्ति सिंह गोहिल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं. वे 21 जून को रिटायर हो रहे हैं. वर्तमान में एक सीट जीतने के लिए 46 वोट चाहिए, जबकि कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं. यानी कांग्रेस का गुजरात से अपना कोई भी उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में नहीं जीत सकता. यह पहली बार होगा जब गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य से कांग्रेस का राज्यसभा में कोई भी सदस्य नहीं होगा.
हालांकि झारखंड में कांग्रेस की उम्मीदें सत्तारूढ़ जेएमएम पर टिकी हैं. पार्टी को उम्मीद है कि जेएमएम यह सीट कांग्रेस को दे देगी.
इस चुनाव में एनडीए की स्थिति वर्तमान स्तर पर ही रहने की संभावना है. हालांकि टीडीपी की सीटें बढ़ सकती हैं. बीजेपी के अभी राज्यसभा में 113 सांसद हैं और एनडीए के 148 सांसद हैं. इस दौर के चुनाव के बाद भी बीजेपी की संख्या कमोबेश इसी के आसपास रहेगी.
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