राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने पर BJD ने अपने 6 विधायकों को किया पार्टी से निलंबित

पार्टी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया, आप बीजू जनता दल के टिकट पर विधायक चुने गए हैं. पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में आया है कि 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान आपने ऐसा आचरण किया है, जो पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन और बीजू जनता दल द्वारा आप पर जताए गए विश्वास का विश्वासघात है.

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  • बीजू जनता दल ने राज्यसभा चुनावों में पार्टी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले छह विधायकों को निलंबित कर दिया है
  • निलंबित विधायकों पर दल-बदल और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है
  • पार्टी ने इन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 20 मार्च तक जवाब देने को कहा था
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भुवनेश्वर:

बीजू जनता दल (BJD) ने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान पार्टी के निर्देशों का कथित तौर पर उल्लंघन (क्रॉस वोटिंग) करने के आरोप में अपने छह विधायकों को निलंबित कर दिया है. इन विधायकों को दल-बदल सहित पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का दोषी पाया गया, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया. इन्हें पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 20 मार्च तक उचित जवाब नहीं देने पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी.

बीजेडी से निलंबित हुए ये विधायक चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबाकिशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), डॉ. रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवीरंजन त्रिपाठी (बांकी) हैं

6 विधायकों को संबोधित करते हुए जारी पत्र में लिखा गया था, "आप बीजू जनता दल के टिकट पर विधायक चुने गए हैं. पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में आया है कि 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान आपने ऐसा आचरण किया है, जो पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन और बीजू जनता दल द्वारा आप पर जताए गए विश्वास का विश्वासघात है. आपने पार्टी द्वारा जारी निर्देशों और 15 मार्च को हुई बीजू जनता दल की विधायक दल की बैठक में लिए गए निर्णय का उल्लंघन किया है."

लिखा गया, "आपके कार्यों से बीजू जनता दल के संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन होता है, जो पार्टी के सामूहिक निर्णयों के प्रति पूर्ण निष्ठा अनिवार्य करता है. उपरोक्त निर्देशों के विरुद्ध जाकर बीजू जनता दल द्वारा समर्थित न किए गए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. इसका प्रमाण 16 मार्च को पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को आपके द्वारा चिह्नित मतपत्र का अनिवार्य प्रदर्शन है, जिससे आपके मतदान का तरीका निर्विवाद हो जाता है."

पत्र में आगे लिखा गया, "ऐसा आचरण घोर अनुशासनहीनता, पार्टी के विश्वास का उल्लंघन और बीजू जनता दल के अनुशासन के लिए स्पष्ट रूप से हानिकारक गतिविधि है और यह बीजू जनता दल की आपकी सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग माना जाएगा. यह बीजू जनता दल की आपकी निरंतर सदस्यता के साथ स्पष्ट रूप से असंगत है और प्रथम दृष्टया यह दर्शाता है कि आपने उस राजनीतिक दल की सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग कर दिया है जिसके टिकट पर आप निर्वाचित हुए थे. अतः नोटिस के जारी होने के तीन दिनों के भीतर उचित जवाब दें."

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पार्टी ने नोटिस में विधायकों से पूछा गया, "आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिसमें बीजू जनता दल से निलंबन भी शामिल है, क्यों न शुरू की जाए. इस आधार पर उचित कानूनी और संवैधानिक कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए कि आपके आचरण से आपने बीजू जनता दल की सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग कर दिया है."

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