भूकंप के झटकों से ढह गई राज कपूर की 100 साल पुरानी हवेली, पाकिस्तान नहीं कर पा रहा इसकी देखभाल

बॉलीवुड एक्टर राज कपूर की 100 साल पुरानी हवेली का एक हिसासा भूकंप के झटकों के बाद ढह गया. ये हवेली पाकिस्तान में है.

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  • पाकिस्तान के पेशावर में राज कपूर की करीब सौ साल पुरानी हवेली का हिस्सा भूकंप और भारी बारिश से ढह गया है
  • पाकिस्तान सरकार ने इस ऐतिहासिक हवेली को 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था लेकिन मरम्मत नहीं हुई है
  • हवेली की दीवार टूटने से संरक्षित इमारत की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है और जल्द संरक्षण जरूरी है
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पाकिस्तान के पेशावर में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राज कपूर की पुश्तैनी हवेली का एक हिस्सा शुक्रवार रात आए भूकंप और भारी बारिश के कारण ढह गया. करीब 100 साल पुरानी यह ऐतिहासिक इमारत लंबे समय से जर्जर हालत में थी, जिसे पाकिस्तान सरकार ने 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था. अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. लेकिन इस इमारत की मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा भी हो सकता है और पूरी हवेली क्षतिग्रस्त हो सकती है.

हवेली की दीवार टूटकर गिरी

खैबर पख्तूनख्वा हेरिटेज काउंसिल के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने बताया कि भूकंप के झटकों के बाद हवेली की दीवार का एक हिस्सा ढह गया, जिससे शेष ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. वहीदुल्लाह ने पुरातत्व विभाग और प्रांतीय सरकार से ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की और चेतावनी दी कि लापरवाही जारी रही तो क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को अपूरणीय क्षति हो सकती है.

पाकिस्तान के प्रमुख स्मारकों में से एक है कपूर हवेली

कपूर हवेली पेशावर शहर के प्रसिद्ध किस्सा ख्वानी बाजार के मध्य स्थित है. यह पाकिस्तान के प्रमुख स्मारकों में से एक है, लेकिन संरक्षण की मांगों के बावजूद लंबे समय से जर्जर हालत में है. यह हवेली अभिनेता पृथ्वीराज कपूर का पैतृक घर है, जो कपूर परिवार के फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश करने वाले पहले सदस्य थे. इस मकान का निर्माण उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच कराया था. अभिनेता राज कपूर और त्रिलोक कपूर का जन्म भी इसी हवेली में हुआ था.

अपने समय में यह हवेली उत्कृष्ट वास्तुकला का उदाहरण मानी जाती थी, जिसमें लगभग 40 कमरे थे. भवन के अगले हिस्से को जटिल पुष्प आकृतियों और झरोखों से सजाया गया था. हालांकि अब यह इमारत बेहद जर्जर अवस्था में है, फिर भी सालों से जर्जर होने बावजूद इसकी सुंदरता अब भी दिखाई देती है. इसी हवेली में राज कपूर के दो छोटे भाई-बहनों का भी जन्म हुआ था, जिनका 1931 में निधन हो गया था.

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आजादी के बाद भारत आ गया था कपूर परिवार

राज कपूर के भाई शम्मी कपूर और शशि कपूर का जन्म भारत में हुआ था. इस इमारत में कपूर परिवार की शुरुआती पीढ़ियों का जीवन बीता, लेकिन विभाजन के बाद परिवार ने 1947 में इस इमारत को छोड़ दिया. कई अन्य परिवारों की तरह, राज कपूर भी विभाजन के बाद भारत आ गए. उनके बेटे ऋषि कपूर और रणधीर कपूर ने 1990 के दशक में इस जगह का दौरा किया था.

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