Rahul Gandhi Speech: गुरुवार से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र में आज शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर बातें रखी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान संसद में खूब हंगामा भी हुआ. सदस्यों की नारेबाजी और स्पीकर की आपत्ति के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में दोनों मुद्दों पर अपना भाषण दिया. उन्होंने भाषण में यह भी कह दिया कि अगले 45 मिनट में सरकार को हरा देंगे. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है, जो एक ‘‘शर्मनाक कृत्य'' है.
दरअसल लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', ‘परिसीमन विधेयक, 2026' और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने आरोप भी लगाया कि सरकार जाति जनगणना को दबाने का प्रयास कर रही है.
संसद में राहुल गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें
- महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने एक मजकिया टिप्पणी करते हुए कहा कि 'न तो मुझे और ना ही प्रधानमंत्री को कोई ‘वाइफ़ इश्यू' है.' जिस पर सदन में हल्की हंसी भी सुनाई दी. हालांकि उन्होंने तुरंत बातचीत को विषय की गंभीरता की ओर मोड़ दिया.
- राहुल गांधी ने हल्के‑फुल्के अंदाज में कहा, 'मेरी बहन ने वो कर दिखाया, जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया. कल उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को हंसा दिया. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका की बोलने की शैली पसंद है, जो उनके अपने अंदाज से अलग है.
- राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं भारत की राष्ट्रीय कल्पना (नेशनल इमैजिनेशन) के केंद्र में हैं. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन किसी न किसी रूप में महिलाओं से प्रभावित और आकार लिया हुआ होता है. राहुल गांधी ने कहा, 'हम सब किसी न किसी महिला से प्रभावित होकर बड़े हुए हैं. समाज, परिवार और देश को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रही है.'
- हल्के-फुल्के मजकिया तंज और दादी की कहानी सुनाने के बाद राहुल गांधी महिला आरक्षण बिल पर गंभीर बातें बोलनी शुरू की. उन्होंने कहा, "ये महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिला सशक्तिकरण से लेना देना नहीं है. महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था. ये महिलाओं की आड़ में भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है. पुराना बिल लाइए हम समर्थन करेंगे.
- राहुल गांधी ने आगे कहा, "आप डरते हो कि देश की राजनीति में क्या हो रहा है? आपकी पॉवर कम होती जा रही है. इसलिए चुनावी नक्शा बदलना चाह रहे हो जैसा कि असम में किया, लेकिन हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे. पूरा विपक्ष इसे हरा कर रहेगा. हम ओबीसी का हक छीनने नहीं देंगे. आप उन्हें हिंदू बताते हो लेकिन उन्हें देश में उनका हक नहीं दिलाते. सच्चाई अच्छी नहीं लगती आपको.'
- आरक्षण पर राहुल गांधी ने कहा कि उद्योग-धंधे, निजी क्षेत्र, न्यायपालिका में दलित कहाँ हैं? आप ओबीसी और दलित को हिंदू कहते हैं लेकिन उन्हें देश में कोई जगह नहीं देते. हंगामे के बीच मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राजीव गांधी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था.
- राहुल गांधी ने भाषण के दौरान पीएम मोदी पर भी तंज कसा, राहुल गांधी ने कहा, कल पीएम के भाषण में ऊर्जा नहीं थी, असर नहीं था. कल 16 अप्रैल था. आपकी समस्या का जवाब 16 है!
- राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है.'' उनका कहना था, ‘‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है. यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कुछ लेनादेना नहीं है. 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था.''
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘‘यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है.'' कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है.''
- कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है, यही सरकार का एजेंडा है. उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है.''
शाम 4 बजे महिला आरक्षण पर वोटिंग
आज शाम चार बजे इस महिला आरक्षण पर वोटिंग भी होनी है. इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया. इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
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