पत्रकारों से बात कर रही थीं प्रियंका गांधी, तभी आए राहुल, बहन को टॉफी देकर बोले- 'Have a Sweet'

प्रियंका गांधी ने कहा कि सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी है. बात करते समय राहुल गांधी आए, उन्हें टॉफी देकर कहा 'have a sweet', फिर उनके कंधे पर हाथ रखकर सदन में चले गए.

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  • प्रियंका गांधी ने कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना सरकार की जिम्मेदारी है.
  • लोकसभा में राहुल ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा शुरू की, जिसे किरेन रिजिजू ने सदन को गुमराह करने वाला बताया.
  • सदन में हंगामा बढ़ गया और एक सदस्य द्वारा चेयर को "यार" कहने पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कड़ी आपत्ति जताई.
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संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि सदन को सुचारू रूप से चलाना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की बात सुने बिना सरकार कार्यवाही आगे बढ़ा रही है.

इसी दौरान राहुल गांधी वहां पहुंचे और बातचीत करती हुई अपनी बहन प्रियंका गांधी को एक टॉफी देते हुए मुस्कुराकर बोले, 'Have a sweet…' इसके बाद राहुल गांधी उनके कंधे पर हाथ रखते हुए सदन की ओर लौट गए.

कांग्रेस नेताओं के इस हल्के फुल्के पल के बीच, सदन के अंदर कार्यवाही को लेकर तनाव और विपक्ष का विरोध जारी रहा.

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सदन के अंदर भरपूर हंगामा

वहीं सदन के अंदर आज लगातार दूसरे दिन भी भरपूर हंगामा देखने को मिला. दरअसल लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को उस समय गरमा गई, जब कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे से की. आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी मौजूद थे. राहुल गांधी ने कहा कि उनका विषय चीन और पाकिस्तान से जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, जिसे उन्होंने ऑथेंटिकेट भी किया है.

उनकी बात पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं. रिजिजू ने स्पीकर की बैठक में हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि सदन अन्य विषयों पर वक्ताओं को सुनने के लिए तैयार है, इसलिए इस मुद्दे को नहीं उठाना चाहिए.

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सदन में चेयर को कहा गया यार

इसी बीच सदन में शोरगुल बढ़ा और हंगामे के दौरान एक सदस्य द्वारा चेयर को 'यार' कहकर संबोधित करने पर तेन्नेटी ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह संसद है और यहां ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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इसके बाद राहुल गांधी को बोलने से रोक दिया गया और आसन ने अगले वक्ताओं के नाम पुकारने शुरू कर दिए. इससे नाराज राहुल गांधी ने फिर से नरवणे की किताब का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें बोलने का अधिकार दिया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि आर्टिकल पर आपत्ति है, तो वह उस हिस्से को नहीं उठाएंगे, लेकिन चीन और ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिकों की शहादत का मुद्दा महत्वपूर्ण है.
तेन्नेटी ने उनकी बात आगे बढ़ने से रोकते हुए नरेश उत्तम पटेल समेत अन्य वक्ताओं के नाम पुकारे. इसके बाद सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

कांग्रेस सांसदों ने चेयर पर फेंके कागज

राहुल गांधी के समर्थन में विपक्षी सांसद वेल में आ गए और जमकर नारेबाज़ी की. हंगामे के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आसन की ओर कागज भी उछाले. लगातार शोरगुल के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी. स्थिति बिगड़ने पर पीठासीन तेन्नेटी ने कार्यवाही को दोपहर तीन बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी.

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