- गणतंत्र दिवस परेड में नेता विपक्ष राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठे नजर आए, इस पर कई नेताओं ने आपत्ति जताई.
- कांग्रेस के कई नेताओं ने राहुल गांधी को पीछे बैठाने को सरकारी कुंठा और शिष्टाचार का उल्लंघन बताया है.
- कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि विपक्ष के नेता के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है.
गणतंत्र दिवस परेड में लोक सभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी तीसरी लाइन में बैठे नजर आए. उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी नजर आए. राहुल गांधी से आगे की पंक्तियों में कई सामान्य लोग भी बैठे नजर आए. राहुल को पीछे जगह देने पर कांग्रेस के कई नेताओं ने आपत्ति जताई जताई है. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- क्या देश के विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किसी मर्यादा, परंपरा और प्रोटोकॉल के मापदंड पर खरा उतरता है? ये केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुंठा दिखाता है. प्रजातंत्र में मतभेद रहेंगे मगर राहुल गांधी के साथ किया जाने वाला ये व्यवहार अस्वीकार्य है. इस बीच, बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं के बयान पर निशाना साधा है. बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने एनडीटीवी से कहा कि गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में लोगों की नहीं कांग्रेस को परिवार के बैठने की चिंता है.
दूसरे एंगल से आई तस्वीर से समझिए राहुल गांधी को कहां बिठाया गया था.
मणिकम टैगोर ने कहा- यह सरकार की घटिया राजनीति
कांग्रेस नेता और सांसद मणिकम टैगोर ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को तीसरी पंक्ति में जगह दिए जाने पर कहा, "यह सरकार और खासकर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की सोच दिखाता है. 2014 तक विपक्षी नेता सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और लाल कृष्ण आडवाणी हमेशा वहां बैठते थे. यह सरकार की बहुत घटिया राजनीति है. गणतंत्र दिवस के दिन विपक्षी नेताओं का अपमान किया गया है. गणतंत्र दिवस वह दिन है जब हम सभी को उस साल भारत की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए एक साथ आना चाहिए."
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी सवाल उठाते हुए लिखा- यह तो सरासर शिष्टाचार और मर्यादा का उल्लंघन है, मौजूदा समय में इसकी उम्मीद करना शायद बहुत ज्यादा है.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बोले- राहुल, खरगे से डर लगता है यह सिद्ध हो गया
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को तीसरी पंक्ति में जगह दिए जाने पर कहा, "मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से तो डर लगता ही है, ये आज गणतंत्र दिवस वाले दिन सिद्ध हो गया. क्या करना चाहती है सरकार? क्या वे उन्हें(मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को) छिपाना चाहती है?... हमें जितना चाहें उतना अपमानित कर लें लेकिन देश के लोग कांग्रेस पार्टी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को प्यार करते हैं. ये वो पार्टी है जिसने देश को बनाने में अपनी भूमिका निभाई..."
तारिक अनवर ने सवाल उठाया, आगे की पंक्ति में क्यों नहीं बैठाया?
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी को आगे की पंक्ति में क्यों नहीं बैठाया गया? उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस के मौके पर आगे की पंक्ति में नहीं बैठाया गया. यह दुखद नेता विपक्ष का एक प्रोटोकॉल होता है.
मणिकम टैगोर ने आडवाणी की तस्वीर दिखाते हुए उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने 2014 की लालकृष्ण आडवाणी की तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया. मणिकम टैगोर ने लिखा- यह 2014 की बात है. देखिए तब एलके आडवाणी जी कहाँ बैठे थे? अब इस प्रोटोकॉल की गड़बड़ी क्यों? क्या मोदी और शाह खर्गे जी और राहुल जी का अपमान करना चाहते हैं? विपक्ष के नेताओं का इस तरह अपमान नहीं किया जा सकता, खासकर गणतंत्र दिवस पर.
2014 में तब के लोकसभा के नेता विपक्ष लाल कृष्ण आडवाणी की गणतंत्र दिवस परेड में पहली पंक्ति में जगह दिया गया था. 2014 की इस तस्वीर में आडवाणी यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पी. चिंदबरम, आनंद शर्मा, सुशील कुमार शिंदे जैसे तब के कद्दावर नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठे नजर आ रहे हैं.
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