राफेल, सुखोई, तेजस... चीन के कान के पास भारत के धुरंधरों ने भरी दहाड़, तस्वीरों में देखें वायुसेना का शौर्य

असम के डिब्रूगढ़ में हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन हुआ, जहां भारतीय वायुसेना ने 40 मिनट तक 16 लड़ाकू और परिवहन विमानों का शक्तिशाली प्रदर्शन किया. राफेल, सुखोई, तेजस और C-130J के टचडाउन ने पूर्वोत्तर की रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित किया. चीन सीमा के निकट बनी यह एयरस्ट्रिप आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण साबित होगी.

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  • असम के डिब्रूगढ़ में भारत की पहली हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन हुआ जो रणनीतिक दृष्टि से बेहद जरूरी है.
  • उद्घाटन के बाद भारतीय वायुसेना के 16 लड़ाकू विमानों ने लगातार ४० मिनट तक हाईवे रनवे पर प्रदर्शन किया.
  • यह एयरस्ट्रिप चीन सीमा के नजदीक मोरान क्षेत्र में बनी है जो पूर्वोत्तर की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी.
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असम के डिब्रूगढ़ में नेशनल हाईवे पर बनी अत्याधुनिक हाईवे एयरस्ट्रिप का आज ऐतिहासिक उद्घाटन हुआ. यह सिर्फ किसी एयरस्ट्रिप का उद्घाटन नहीं था. यह भारत की हवाई शक्ति, रणनीतिक तैयारी और पूर्वोत्तर की सुरक्षा क्षमताओं का ऐसा प्रदर्शन था, जिसने मौके पर मौजूद लोगों के साथ-साथ पूरे देश को गर्व से भर दिया.

उद्घाटन के कुछ ही समय बाद आसमान में भारतीय वायुसेना का सबसे दमदार हाईवे एयर शो देखने को मिला. लगातार 40 मिनट तक एक के बाद एक 16 लड़ाकू विमान हाईवे पर उतरे, टचडाउन किया और फिर उड़ान भरते हुए शक्ति प्रदर्शन करते रहे. यह पूर्वोत्तर में निर्मित पहली हाईवे एयरस्ट्रिप है और इसका ऐसा भव्य प्रदर्शन इसे ऐतिहासिक बना देता है.

राफेल से लेकर तेजस तक, भारत के धुरंधरों ने भरी दहाड़

इस सुपर शो में भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली विमान शामिल थे- 

राफेल
सुखोई-30 एमकेआई
तेजस
C-130J सुपर हरकुलस

एक के बाद एक विमानों का हाईवे पर उतरना, फिर कुछ ही सेकंड में पुनः उड़ान भरना, और आकाश में करतब दिखाते हुए गुजरना, यह अद्भुत नज़ारा किसी भी दर्शक की धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी था. जैसे ही हर विमान रनवे को छूकर आकाश में लहराता हुआ ऊपर उठा, पूरा इलाका जयघोष से भर गया.

भारत की रणनीतिक बढ़त- चीन सीमा से नजदीक बनी देश की नई ताकत

यह एयरस्ट्रिप सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. डिब्रूगढ़ का मोरान क्षेत्र चीन सीमा से अपेक्षाकृत नजदीक है. पूर्वोत्तर में पहली बार ऐसा वैकल्पिक रनवे तैयार किया गया है, जहां युद्ध या आपदा जैसी स्थिति में लड़ाकू विमानों का तुरंत इस्तेमाल संभव होगा.

आपात स्थितियों में यह एयरस्ट्रिप लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और बड़े ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए अतिरिक्त ऑपरेशनल लचीलापन प्रदान करेगी. यही वजह है कि इस एयरस्ट्रिप का उद्घाटन पड़ोसी देशों में भी चर्चा का विषय बन चुका है.

प्रधानमंत्री ने भी देखा ऐतिहासिक प्रदर्शन

उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद प्रधानमंत्री ने भी इस शानदार एयर शो को देखा. विमानों के लगातार हाईवे-रनवे पर उतरने और उड़ान भरने के नजारे ने इस उपलब्धि को और भी विशेष बना दिया. पूर्वोत्तर में इस तरह का हाईवे रनवे न केवल सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाता है, बल्कि क्षेत्र की सामरिक स्थिति को भी मजबूत करता है.

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स्थानीय लोगों में उत्साह, हजारों की भीड़ ने देखा भारत का पराक्रम

मोरान बाईपास पर जैसे ही एयर शो शुरू हुआ, हजारों की संख्या में स्थानीय लोग हाईवे के आसपास इकट्ठा हो गए. लोगों के लिए यह पहली बार था जब उन्होंने इतनी नजदीक से लड़ाकू विमानों को हाईवे पर उतरते और उड़ते देखा. कई लोगों के लिए यह जीवन का सबसे यादगार क्षण था.

आपात स्थिति में बनेगा जीवन रक्षक औजार

यह इमरजेंसी लैंडिंग एयरस्ट्रिप प्राकृतिक आपदा, सैन्य आपातकाल और बड़े मानवीय अभियानों के दौरान तेजी से राहत और बचाव की क्षमता बढ़ाएगी. भारत की आधुनिक सैन्य संरचना में हाईवे एयरस्ट्रिप एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभर रही है. भारत ने आज डिब्रूगढ़ में न केवल एक एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी दे दिया कि जब सीमा सुरक्षा और हवाई ताकत की बात आती है तो भारत हर दिशा में तैयार है.

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