पहले IPS, फिर DGP और अब पार्षद... आर श्रीलेखा क्यों बोलीं- कांस्टेबल जैसी हो गई हालत

केरल की पहली महिला IPS और पूर्व DGP आर श्रीलेखा अब BJP पार्षद हैं. पार्षद पद छोड़ने की कोशिश के बाद उन्होंने अपनी मुश्किलों की तुलना DGP को कांस्टेबल का काम दिए जाने से की और खुद को 'मोदी भक्त' बताया.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins

केरल की पहली महिला IPS अधिकारी, राज्य में DGP रैंक तक पहुंचने वाली पहली महिला, राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित,विजिलेंस से लेकर फायर एंड रेस्क्यू सर्विस जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालीं, ब्रिटेन सरकार की प्रतिष्ठित Chevening Fellowship के लिए चुनी गईं और कई किताबें भी लिखीं. पुलिस की वर्दी उतारने के बाद राजनीति में आईं और अब तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पार्षद हैं. यह परिचय है पूर्व IPS अधिकारी आर श्रीलेखा का, जो इन दिनों अपने एक बयान और पार्षद पद से इस्तीफे की कोशिश को लेकर चर्चा में हैं.

दरअसल, करीब तीन दशक से ज्यादा पुलिस सेवा में ऊंचे पदों पर रहने के बाद श्रीलेखा के लिए वार्ड पार्षद की जिम्मेदारी निभाना आसान अनुभव नहीं साबित हो रहा. उन्होंने अपनी स्थिति समझाने के लिए पुलिस महकमे का ही उदाहरण दिया. कहा कि अगर किसी DGP को अचानक पांच साल के लिए कांस्टेबल का काम करने को कहा जाए तो उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. उनके मुताबिक पार्षद के रूप में काम करते हुए वह कुछ ऐसी ही मुश्किलों से तालमेल बैठा रही हैं. श्रीलेखा ने साफ किया है कि मानसिक दबाव में उन्होंने पार्षद पद छोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया था, लेकिन अब वह इस पद पर बनी रहेंगी. उन्होंने BJP छोड़ने की खबरों को भी खारिज करते हुए खुद को 'मोदी भक्त' बताया है.

इस्तीफे की नौबत आखिर क्यों आई?

दरअसल श्रीलेखा तिरुवनंतपुरम नगर निगम के सस्थामंगलम वार्ड से BJP पार्षद हैं. एक हफ्ते पहले उन्होंने मेयर वीवी राजेश को इस्तीफा सौंप दिया था. हालांकि इस्तीफा निगम सचिव को नहीं सौंपे जाने के कारण इस पर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी. इसके बाद BJP नेताओं ने उनसे संपर्क किया और आखिरकार उन्होंने पद छोड़ने का इरादा बदल दिया. इस विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए श्रीलेखा ने अपने YouTube चैनल 'Sasneham Sreelekha' पर बताया कि पार्षद के तौर पर काम करते हुए उन पर काफी दबाव था. लोग जमीन और सीमा से जुड़े छोटे विवादों जैसी समस्याओं तक को लेकर उनके घर और कार्यालय पहुंचते थे और तत्काल समाधान की उम्मीद करते थे. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें विवाह, अंतिम संस्कार और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों में तो जाना ही पड़ता है साथ ही साथ रविवार को भी व्यस्त रहना पड़ता है.

यहीं उन्होंने अपने पुराने पेशे का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी DGP को अचानक पांच साल तक पुलिस कांस्टेबल का काम करने को कहा जाए, तो उसे मुश्किल होगी. वह भी पार्षद के तौर पर काम करते हुए इन्हीं कठिनाइयों से तालमेल बैठा रही हैं.

'मैं मोदी भक्त हूं, BJP नहीं छोड़ूंगी'

इस्तीफे की कोशिश के बाद इन अटकलों ने भी जोर पकड़ा कि आखिर श्रीलेखा BJP में रहेंगी या नहीं. अब उन्होंने इस पर स्थिति साफ कर दी है. उन्होंने कहा कि वह 'मोदी भक्त' हैं, पार्टी नहीं छोड़ रही हैं और गर्व के साथ पार्षद बनी रहेंगी. उन्होंने किसी दूसरी पार्टी में जाने की बात भी खारिज कर दी.साथ ही श्रीलेखा ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि मेयर पद या राष्ट्रीय महिला आयोग से जुड़ा पद नहीं मिलने के कारण उन्होंने इस्तीफा देने का प्रयास किया.

Advertisement
उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह जब वह अस्पताल में थीं तो BJP के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और पार्टी नहीं छोड़ने के लिए कहा. हालांकि यहां एक पुराना बयान इस राजनीतिक कहानी को दिलचस्प बनाता है. श्रीलेखा ने इसी साल जनवरी में कहा था कि वह चुनाव लड़ने को लेकर अनिच्छुक थीं, लेकिन मेयर बनाए जाने के आश्वासन के बाद तैयार हुई थीं और चुनाव अभियान में उन्हें पार्टी के चेहरे के तौर पर पेश किया गया था.

आखिर में मेयर की कुर्सी वीवी राजेश को मिली.
ये भी पढ़ें: बालाघाट में 32+ बच्चों की मौत: न महामारी विशेषज्ञ, न लैब; केंद्र की रिपोर्ट में MP सरकार की खुली पोल

पुलिस सेवा में बनाया था इतिहास

आर श्रीलेखा 1987 बैच की केरल कैडर की IPS अधिकारी हैं. वह केरल की पहली महिला IPS अधिकारी बनीं और बाद में DGP रैंक हासिल करने वाली राज्य की पहली महिला IPS भी बनीं. वह 2020 में केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की महानिदेशक के पद से रिटायर हुईं. पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने कॉलेज में अध्यापन किया और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में भी काम किया था. उन्होंने तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वीमेन से अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई की और बाद में IGNOU से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में MBA किया. श्रीलेखा को 2004 में Meritorious Service के लिए President's Police Medal और 2013 में Distinguished Service के लिए President's Police Medal से सम्मानित किया गया. उन्हें ब्रिटेन सरकार की Chevening Fellowship भी मिली. इसके तहत उन्होंने King's College London सहित विभिन्न संस्थानों में अध्ययन किया और Scotland Yard/Metropolitan Police में विशेष प्रशिक्षण भी लिया.

Advertisement

2024 में BJP में हुईं शामिल

पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद श्रीलेखा ने अक्टूबर 2024 में BJP का दामन थामा. बाद में वह पार्टी की केरल इकाई की उपाध्यक्ष बनीं. 2025 के स्थानीय निकाय चुनाव में वह तिरुवनंतपुरम नगर निगम के सस्थामंगलम वार्ड से जीतीं.2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने वट्टियूरकावु सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा, लेकिन कांग्रेस के के. मुरलीधरन ने जीत हासिल की.फिलहाल इस्तीफे का विचार पीछे छूट चुका है और श्रीलेखा ने साफ कर दिया है कि वह BJP और पार्षद पद, दोनों पर बनी रहेंगी. 
ये भी पढ़ें: सरपंच बनी तो गांव में कोई नहीं रहेगा कुंवारा ! झुंझनूं की अनिता सैनी लिखित गारंटी देने को तैयार, वीडियो वायरल

Featured Video Of The Day
JNU पूर्व प्रोफेसर कांग्रेस सांसद बिमोल अकोईजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप

Topics mentioned in this article
R Sreelekha
R Sreelekha Resignation
Kerala IPS Officer
Thiruvananthapuram