पंजाब में बाढ़ से हाहाकार के बीच AAP विधायक ने पेश की मिसाल, गुरु ग्रंथ साहिब को सुरक्षित पहुंचाया

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं. पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं. तमाम गांव जलमग्न हो गए हैं. सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

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  • हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं.
  • पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं. तमाम गांव जलमग्न हो गए हैं. लोगों को निकाला जा रहा है.
  • बाढ़ के बीच आप विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने गुरु ग्रंथ साहिब जी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
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पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव अब्दुल्लापुर में आई बाढ़ के बीच एक घटना ने न सिर्फ इंसानियत बल्कि धर्म और राजनीति के बीच संतुलन की मिसाल पेश की. ब्यास दरिया के पानी ने जब पूरे गांव को चपेट में ले लिया, तब हल्का उड़मुर से आम आदमी पार्टी के विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को पूरे सम्मान और सत्कार से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. गुरु घर से पावन स्वरूप को निकालने से पहले राजा गिल ने संगत के सहयोग से अरदास भी की. 

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों व नालों में जलस्तर बढ़ने से पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं. नदी के किनारे बसे निचले इलाकों के कई गांव जलमग्न हो गए हैं. सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. 

अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से सबसे ज्यादा पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिले प्रभावित हैं. भारी बारिश के कारण शुक्रवार को पटियाला में भी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई. फिरोजपुर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. 62 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. 

पटियाला जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश और चंडीगढ़ में सुखना झील के द्वार खोल दिए जाने के बाद नदी के किनारे बसे कई निचले गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसे 2,500 से अधिक लोगों को जिला प्रशासन द्वारा अब तक बचाया जा चुका है. विस्थापित परिवारों के लिए 13 राहत शिविर बनाए गए हैं.

राहत और बचाव के लिए जिला प्रशासन के अनुरोध पर सेना, सीमा सुरक्षा बल, वायु सेना और एनडीआरएफ द्वारा बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है. जिला प्रशासन के सभी विभाग राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समन्वय से काम कर रहे हैं. 

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशन में सरकार द्वारा तेजी से राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं. कैबिनेट मंत्री और अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं. प्रशासनिक मशीनरी राहत कार्यों में लगी है. 

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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने अपना एक महीने का वेतन दान करने का फ़ैसला लिया है. कांग्रेस विधायकों ने भी एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में देने का फैसला किया है. 

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