- पंजाब कांग्रेस में वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने विरोध जताया है
- असंतुष्ट नेताओं की मांग है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाया जाए और नई लीडरशिप चुनी जाए
- प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने असंतुष्ट नेताओं की बात सुनी और कहा कि इस मुद्दे पर फैसला कांग्रेस हाईकमान का होगा
पंजाब कांग्रेस का संकट थमता नहीं दिख रहा है. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने मोर्चा खोल रखा है. असंतुष्ट नेताओं से बात करने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल खुद चंडीगढ़ पहुंचे और शनिवार को 2 घंटे से ज्यादा बैठक चली. इस मीटिंग में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और डिप्टी सीएम रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत 92 नेता पहुंचे थे. इन सभी नेताओं का पक्ष भूपेश बघेल ने सुना, लेकिन एक तरह से हाथ खड़े करके चले गए. असंतुष्ट नेताओं की मांग साफ थी कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया जाए. उनकी लीडरशिप में चुनाव जीतना मुश्किल होगा.
वहीं भूपेश बघेल ने पूरी बात को ध्यान से तो सुना, लेकिन यह कहकर चले गए कि इस मसले पर फैसला हाईकमान ने लिया है. उन्होंने साफ कहा कि मैं कोई फैसला नहीं ले सकता और हाईकमान ही कुछ तय कर सकेगा. इधर चरणजीत सिंह चन्नी मीटिंग में जाने के दौरान तेवर में नजर आए. मीडिया से उन्होंने कहा कि हम तेल देखेंगे और तेल की धार देखेंगे. इस तरह उन्होंने अपना स्टैंड क्लियर कर लिया कि हम इंतजार करने को तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों पर डटे रहेंगे.
बघेल की चन्नी खेमे के नेताओं से मुलाकात
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि नेताओं ने उनके सामने कुछ मुद्दे रखे हैं, जिन्हें वह पार्टी आलाकमान तक पहुंचाएंगे. उन्होंने कहा कि पंजाब में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस सिलसिले में कई संबंधित समितियों के साथ भी बैठकें की गईं हैं.
कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे और जालंधर से सांसद चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से ‘नाराज' बताए जा रहे चरणजीत सिंह चन्नी ने अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की थी. बघेल सोमवार को पंजाब पहुंचे थे और इसके बाद से उन्होंने राज्य के कई नेताओं एवं पदाधिकारियों के साथ बैठकें की हैं.
बघेल ने कहा कि उन्होंने नेताओं को आश्वासन दिया है कि यदि कोई उम्मीदवार चुनाव जीतने की स्थिति में होगा, तो उसे निश्चित रूप से टिकट दिया जाएगा.
वडिंग शनिवार को बघेल के साथ हुई बैठक में शामिल नहीं हुए. उनकी गैर-मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर वडिंग ने कहा, ‘‘पार्टी के प्रभारी महासचिव सभी से मिलते हैं. यह जरूरी नहीं है कि सभी बैठकें प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में ही हों.'' यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस की प्रदेश इकाई में जल्द एकजुटता देखने को मिलेगी, वडिंग ने कहा, ‘‘यह बैठक इसी बारे में है.''
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