'मुलाकात' से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दिया यह संदेश, भारत की चिंता क्या है

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए अपने भाषण में बांग्लादेश में हाल में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश के हालात को चिंताजनक बताते हुए कहा कि हम पड़ोसियों का सुख और शांति चाहते हैं.

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नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भाषण दिया. यह प्रधानमंत्री की रूप में उनका 11वां भाषण था. इस भाषण में उन्होंने बांग्लादेश में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.पीएम मोदी ने कहा कि हम पड़ोसियों का सुख और शांति चाहते हैं.उन्होंने बांग्लादेश के हालात को चिंताजनक बताया. भारत की विदेश नीति में नेबरहुड फर्स्ट का विशेष स्थान है.इस तरह वह अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करता है. लेकिन बांग्लादेश के हालात उसे परेशान कर रहे हैं.

बांग्लादेश के निजाम को संकेत

पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से बांग्लादेश के नए निजाम को संदेश दिया कि भारत उसका शुभचिंतक और  उसे सुख और शांति के रास्ते पर चलना चाहिए.इसके साथ ही पीएम मोदी ने वहां शेख हसीना की सरकार के जाने के बाद हुई हिंसा में हिंदुओं को निशाना बनाने पर चिंता जताई.उन्होंने बांग्लादेश से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है वह चिंताजनक है.

पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की थाईलैंड में चार सितंबर को मुलाकात हो सकती है.

उन्होंने कहा,"बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है,उसको लेकर पड़ोसी देश होने के नाते हम चिंतित हैं. मैं इसको समझ सकता हूं.आशा करता हूं कि वहां पर हालात जल्द ही सामान्य होंगे.'' उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.'' उन्होंने कहा कि भारत हमेशा चाहता है कि हमारे पड़ोसी देश सुख और शांति के मार्ग पर चलें. शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है.आने वाले दिनों में बांग्लादेश की विकास यात्रा में हमेशा हमारा शुभचिंतन ही रहेगा.

बांग्लादेश को नसीहत

पांच अगस्त के बाद यह दूसरी बार है कि प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई है. इससे पहले पीएम मोदी ने अंतरिम सरकार का कार्यभार संभालने पर मोहम्मद युनूस को फोन कर बधाई दी थी. इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई थी. उन्होंने यूनुस से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी.

ढाका के एक मंदिर में हिंदू समाज के लोगों से मिलते बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की अगले महीने की चार तारीख को थाईलैंड में मुलाकात हो सकती है. उम्मीद है कि दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाएंगे और वहां दोनों मुलाकात कर सकते हैं.अगर दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात होती है तो बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली आधिकारिक बैठक होगी.

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बांग्लादेश पर किस देश की है नजर

भारत बांग्लादेश में हो रही घटनाओं को लेकर चिंतित है. वहां जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय साजिश की बातें की जा रही हैं, उससे भारत चिंतित है. भारत की मुख्य चिंता बंगाल की खाड़ी में चीन की सक्रियता है. उसने म्यांमार और श्रीलंका में कई बंदरगाहों पर नियंत्रण हासिल किया है.वह अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पास गहरे समुद्र के एक बंदरगाह पर नजर गड़ाए बैठा है. यह भी भारत के लिए परेशानी का सबब है.चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से जूझ रहे भारत के लिए अशांत बांग्लादेश परेशानी का तीसरा फ्रंट हो सकता है.  

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बांग्लादेश और 15 अगस्त

प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश की हिंसा का जिक्र 15 अगस्त को किया. इस तारीख का बांग्लादेश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है. 15 अगस्त 1975 को बांग्लादेश के संस्थापक मुजीब उर रहमान की सैन्य तख्तापलट में हत्या कर दी गई थी. हसीना उस जर्मनी में रह रही थीं.पिता की हत्या के बाद उन्होंने भारत में शरणी थी. इसके बाद वो 1981 में ढाका लौटी थीं. आज एक बार फिर वो दिल्ली में शरण लिए हुए हैं.  

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