लोग मांस खाते हैं, शराब पीते हैं… बाबा के पास आने से दर्द नहीं जाएगा– भक्त को प्रेमानंद महाराज ने जमकर सुना दिया

प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा कि सिर्फ आशीर्वाद से रोग नहीं मिटते, अच्छे कर्म और भक्ति जरूरी हैं.

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  • प्रेमानंद महाराज ने कहा कि केवल आशीर्वाद लेने से रोग ठीक नहीं होंगे, सही जीवनशैली और अच्छे कर्म जरूरी हैं
  • उन्होंने बताया कि बीमारी होने पर डॉक्टर के पास जाना आवश्यक है, केवल बाबा के आशीर्वाद पर निर्भर नहीं रहना चाहिए
  • जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव को साहसी योद्धा की तरह सहन करना चाहिए, निराश होकर हार नहीं माननी चाहिए
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नई दिल्ली:

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अपने पास आए एक भक्त को दो टूक जवाब देते नजर आ रहे हैं. वीडियो में प्रेमानंद महाराज स्पष्ट कहते हैं कि सिर्फ बाबा के पास आने या आशीर्वाद लेने से रोग दूर नहीं होंगे, इसके लिए सही जीवनशैली और अच्छे कर्म जरूरी हैं. महाराज ने कहा, “अगर पीठ में दर्द है या कोई बीमारी है, तो डॉक्टर के पास जाना जरूरी है. लोग भ्रम में रहते हैं कि बाबा का आशीर्वाद सब ठीक कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं होता. सुख और शांति आपके अच्छे आचरण और भक्ति से आएगी, न कि केवल किसी के आशीर्वाद से.”

उन्होंने आगे कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन हमें निराश नहीं होना चाहिए. “आज विपत्ति है, कल खत्म हो जाएगी. दिन के बाद रात आती है और रात के बाद दिन. यह क्रम चलता रहता है. हमें साहसी योद्धा की तरह जीना है, कायर की तरह नहीं.”

महाराज ने भक्तों को चेताया कि गलत आदतों से बचें. उन्होंने कहा, “देखो, आज लोग जीवों को मारकर मांस खा रहे हैं, शराब पी रहे हैं, गलत काम कर रहे हैं. ऐसे कर्मों से बुद्धि भ्रष्ट होती है और अंत में विनाश होता है. सुख और सफलता किसी के आशीर्वाद से नहीं, बल्कि आपके कर्मों से मिलती है. इसलिए अच्छे कर्म करें, धर्म का पालन करें और भगवान का नाम जप करें. यही सच्चा मार्ग है.”

इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. कई यूजर्स ने महाराज की बातों को जीवन के लिए प्रेरक बताया, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक प्रवचन से आगे बढ़कर व्यावहारिक सलाह माना. महाराज का यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि आस्था के साथ-साथ कर्म और जिम्मेदारी भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि नाम जप, माता-पिता की सेवा और सद्भाव से जीवन जीना ही सच्ची भक्ति है.

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