प्रयागराज का एक बेहद शांत सा दिखने वाला गांव बरईपुर रामनगर इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है. वजह है नवाबगंज थाना क्षेत्र के इस छोटे से गांव के एक घर में जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया करोड़ों का कैश.....अभी तक के अनुमान के मुताबिक ये राशि 8 से 10 करोड़ के आसपास की है. बुधवार की शाम जब स्थानीय पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नवाबगंज थाना क्षेत्र के इस गांव में एक घर के अंदर खुदाई करवाई, तो जमीन के नीचे दबे ड्रमों से नोटों की अनगिनत गड्डियां बाहर निकलने लगीं. इतनी भारी मात्रा में कैश देखकर वहां मौजूद पुलिसवाले और अधिकारी भी हैरान रह गए. नोटों की इतनी बड़ी बरामदगी के बाद अब इस पूरे मामले की जांच को इनकम टैक्स विभाग की टीम ने अपने हाथ में ले लिया है और घर के अंदर खोजी कुत्तों की मदद से लगातार खुदाई की जा रही है. सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है.
इनकम टैक्स टीम की एंट्री और घर की सघन तलाशी
इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद अब इस मामले की जांच बहुत कड़ी हो गई है. शुक्रवार को इनकम टैक्स विभाग की एक विशेष टीम भारी सुरक्षा बल के साथ सीधे गांव के उस मकान पर पहुंची और पूरे घर को अपने घेरे में ले लिया. अधिकारियों ने घर के अंदर नोटों की गिनती के लिए मशीनें मंगवाई हैं और बरामद कैश का सही हिसाब लगाया जा रहा है. इस तलाशी के दौरान केवल कैश ही नहीं, बल्कि घर के अंदर से कई संदिग्ध दस्तावेज, बैंक डायरियां और संपत्ति से जुड़े कागजात भी मिले हैं, जिन्हें टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है. अधिकारियों को अंदेशा है कि घर के अंदर जमीन या दीवारों के पीछे अभी भी काफी कैश या कीमती सामान छिपा हो सकता है.
Prayagraj Cash Recovery: बरईपुर रामनगर गांव में ड्रम में नोट मिलने के बाद अब जांच तेज हो गई है. IT विभाग के अधिकारी मौके पर हैं और भारी पुलिस बल भी तैनात किए गए हैं.
Photo Credit: दीपक गंभीर
खोजी कुत्तों की मदद और घर के अंदर खुदाई
जमीन के अंदर छिपे दूसरे ठिकानों का पता लगाने के लिए इनकम टैक्स की टीम ने डॉग स्क्वायड की भी मदद ली है. खोजी कुत्ते घर की दीवारों और जमीन के फर्श पर बने संदिग्ध कोनों की बारीकी से जांच कर रहे हैं. घर के अंदर कई जगहों पर अभी भी लगातार खुदाई का काम चल रहा है ताकि जमीन के नीचे बने गुप्त गड्ढों को पूरी तरह से खंगाला जा सके. टीम को शक है कि इस कैश को छिपाने के लिए घर के अंदर विशेष तौर पर बंकरनुमा गड्ढे बनाए गए थे, जिन्हें ढूंढने के लिए अलग-अलग उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
पूरे गांव में कड़ा पहरा और भारी सुरक्षा
प्रयागराज मुख्य शहर से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में इतनी बड़ी बरामदगी के बाद लोगों की भारी भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ने इस संदिग्ध मकान की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को करीब पांच सौ मीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया है. किसी भी बाहरी व्यक्ति, गांव वाले या मीडिया कर्मियों को इस दायरे के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है. पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है ताकि जांच का काम बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके और कोई सबूतों के साथ छेड़छाड़ न कर पाए.
बेनामी कैश के असली मालिक की तलाश तेज
अब जांच एजेंसियों की सुई इस बात पर टिकी है कि आखिर इस ग्रामीण इलाके के एक साधारण से मकान में इतना भारी कैश कहां से आया. जमीन के अंदर ड्रमों में नोटों को बंद करके छिपाने के पीछे किसका दिमाग काम कर रहा था. अधिकारी इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या यह पैसा किसी अवैध धंधे, हवाला नेटवर्क, जमीन के गलत सौदों या फिर किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है. मकान मालिक और उसके करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, और अफसरों का मानना है कि मिले कागजातों की जांच के बाद इस पूरे खेल के पीछे छिपे असली चेहरों के नाम बहुत जल्द सामने आ सकते हैं.
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