कैसा रहेगा मौसम, कब होगी बारिश? ₹15 हजार वाला ये छोटा स्टेशन देगा हर पल का अपडेट

IIT Ropar के प्रोफेसर मुकेश सैनी ने बताया कि डिजीटल ट्विन के ज़रिए बिना खेत में जाए या फसल बोए किसानी की बारिकियां बता चल सकेंगी. यही नहीं इस चैटबॉक्स के ज़रिए दूर बैठा किसान फसल की बीमारी की तस्वीर भेजेगा और कौन सी बीमारी है और क्या दवा डालना है ये किसानों को बताएगा.

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  • IIT रोपड़ ने एक पोर्टेबल चलता-फिरता मौसम स्टेशन विकसित किया है.
  • यह उपकरण किसानों को बारिश, हवा की नमी और गति की जानकारी देकर खेती के महत्वपूर्ण कार्यों में मदद करेगा.
  • चलता-फिरता मौसम केंद्र की कीमत लगभग 15 हजार रुपए है और पंचायत स्तर पर खरीद कर पूरे गांव के लिए उपयोगी होगा.
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नई दिल्ली:

अब भारतीय किसानों को अपने खेतों के सटीक मौसम का पूर्वानुमान पाने के लिए दूर-दराज के बड़े केंद्रों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. किसानों की इस बड़ी समस्या का समाधान IIT रोपड़ (IIT Ropar) ने एक आधुनिक 'चलता-फिरता मौसम स्टेशन' विकसित करके निकाला है. यह पोर्टेबल डिवाइस सीधे किसानों के गांव और उनके विशिष्ट क्षेत्र के मौसम की पल-पल की जानकारी देने में सक्षम है.

इस चलते-फिरते मौसम केंद्र के जरिए किसानों यह पता चल जाएगा कि अगले कुछ घंटों में बारिश की क्या संभावना है, हवा में नमी कितनी रहेगी और हवा की रफ्तार क्या होगी. यह तकनीक न केवल खेती की योजना बनाने में मदद करेगी, बल्कि कीटनाशकों के छिड़काव और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी सटीक समय का सुझाव देगी.

महज 15 हजार रुपए में है ये चलता फिरता मौसम केंद्र

IIT Ropar के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव आहूजा ने बताया कि ये इतना हैंडी कि किसान इसे अपने घर ले जा सकता है और अगर उसका खेत किसी दूसरे इलाके में है तो वहां तक इसको ले जा सकते है. चलता फिरता मौसम केंद्र महज 15 हजार रुपए में आएगा. अगर एक पंचायत इसे खरीदती है तो उसका इस्तेमाल पूरा गांव कर सकता है. ना खेत में जाने की जरुरत और न फसल पर मेहनत करने Digital Twin तकनीकी के ज़रिए खेती का अनुभव ले सकते हैं किसान..

किसानों के लिए तैयार हो रहा है ANNAM ChatBOX

कृषि क्षेत्र में AI तकनीकी को बड़े स्तर पर लॉच किया जा रहा है ताकि किसानों को इसका फ़ायदा मिले. इसी के तहत ANNAM ChatBOX को आगामी दो से तीन महीनों में लांच कर दिया जाएगा. ये जानकारी IIT Ropar के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव आहूजा ने दिया.

ministry of education का centre of excellence ख़ासतौर पर कृषि क्षेत्र के लिए बनाया गया हैं. बिना खेत में जाएं और बिना किसी फसल की खेती किए..Digital Twin की तकनीकी से पहली बार खेती कैसे हो सकती है इसका प्रदर्शन भारत मंडपम में किया जा रहा है. 

IIT Ropar के एसोसिएट प्रोफेसर मुक्तक सैनी ने बताया कि किसी भी खेत की तस्वीर को AI के ज़रिए थ्रीडी में तब्दील करते हैं और फिर पता लगाएंगे कि फसल की ग्रोथ कैसी है और क्या बीमारियां है. Advanced Genetic AI को डेवलेप किया गया है. ANNAM chat box एक पूरा प्लेटफार्म होगा जिसमें AI की कोई तकनीकी के साथ ही कृषि वैज्ञानिकों को भी इससे जोड़ा जाएगा ताकि माननीय सलाह भी दी जाएगी.

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