सुखोई से सेमीकंडक्टर तक... मुस्लिम देश मलेशिया के साथ ये 5 बड़े समझौते के आसार, PM मोदी का दौरा गेमचेंजर

प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम है. ये संबंध अगस्त 2024 में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा के दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित किए गए थे. यह प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है.

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  • प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया दौरा अगस्त 2024 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए है
  • दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होगी
  • जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है
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नई दिल्‍ली:

भारत और मलेशिया के मजबूत होते संबंधों के लिए आज बेहद अहम दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से 2 दिनों के मलेशिया दौरे पर हैं. पीएम मोदी का यह दौरा अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने के बाद हो रहा है. इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी को लेकर एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. ऐसे में पीएम मोदी का यह मलेशिया दौरा दोनों देशों के लिए कई मायानों में खास होने जा रहा है. आइए आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया दौरे के क्‍या मयाने हैं  

कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर हो रही है और इससे भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार, वित्त, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. आसियान इंडिया इकोनॉमिक काउंसिल (एआईईसी) के चेयरमैन रमेश कोडम्मल ने कहा कि मलेशियाई सरकार और वहां की जनता प्रधानमंत्री मोदी का दिल से स्वागत कर रही है. उन्होंने कहा, 'यह लंबे समय से प्रतीक्षित यात्रा है और लोग पीएम मोदी को देखने, सुनने और उनसे मिलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं. यह भारत-मलेशिया रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा मौका है.' कोडम्मल ने बताया कि वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 20 अरब डॉलर रहा है, जिसके आगे और बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही भारत-आसियान और भारत-मलेशिया के व्यापारिक रिश्ते भी लगातार मजबूत हो रहे हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम है. ये संबंध अगस्त 2024 में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा के दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित किए गए थे. यह प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है. लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में इस महत्वपूर्ण सुधार के बाद यह उनकी पहली यात्रा है. यह अनवर इब्राहिम की 2024 की यात्रा का प्रतिफल है और व्यापार, सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं में वैश्विक बदलावों के बीच दक्षिण-पूर्व एशिया पर भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के फोकस को दर्शाती है. 

पीएम मोदी के मलेशिया यात्रा के मायने 

  1. जाकिर नाइक को वापस लाने पर जोर- पीएम मोदी के इस दौरे में सबसे बड़ा मुद्दा जाकिर नाइक का है. विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री की बातचीत के एजेंडे में जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण प्रमुखता से शामिल है. भारत सरकार जाकिर नाइक को वापस लाने के लिए तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने तक लगातार दबाव बनाती रहेगी.
  2. व्यापक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करना- इस यात्रा से दोनों नेताओं को 2024 की प्रतिबद्धताओं पर हुई प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अवसर मिलेगा. इसे पिछले कुछ राजनयिक तनावों के बाद एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के संबंध स्पष्ट रूप से सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे. \
  3. बढ़ेगा व्यापार और आर्थिक प्रोत्साहन- मौजूदा दौर में भारत और मलेशिया के बीच लगभग 20 अरब डॉलर का व्‍यापार होता है. पीएम मोदी दौरे का मकसद इस व्‍यापार को और बढ़ाना है. निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, एआई, नवीकरणीय ऊर्जा और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मलेशिश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी व्यापारिक नेताओं से बातचीत करने के लिए 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम में भाग ले रहे हैं.
  4. रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग- भारत डॉर्नियर विमानों की बिक्री, स्कॉर्पीन पनडुब्बियों और SU-30 जेट विमानों के रखरखाव, साथ ही व्यापक समुद्री सुरक्षा और रक्षा संबंधों जैसे अवसरों पर नजर रख रहा है. दरअसल, ये प्रमुख समुद्री मार्गों पर मलेशिया की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण हैं. इसके साथ रोजगार, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, डिजिटल वित्त और जन-जन संपर्कों में सहयोग बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा. 
  5. भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़ाव- प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में भारतीय मूल के बड़े समुदाय के करीब जाने की कोशिश करेंगे. मलेशिया में लगभग 28-29 मिलियन भारतीय रहते हैं, जिसे अक्सर 'मिनी इंडिया' कहा जाता है. पीएम मोदी यहां एक विशाल सभा (अनुमानित 15,000) को संबोधित करेंगे.
     
  6. मलेशिया एक सेतु- मलेशिया आसियान का संस्थापक सदस्य है और इस्लामी जगत, पूर्वी एशिया और वैश्विक बाजारों के बीच एक सेतु का काम करता है. यह दौरा दक्षिणपूर्व एशिया के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही साथ अन्य क्षेत्रों (जैसे अमेरिका, यूरोप) के साथ संबंधों को भी मजबूत करता है. यह क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक एकीकरण को भी बढ़ावा देता है. 

PM मोदी का प्रवासी भारतीयों को बेसब्री से इंतजार

प्रवासी भारतीय पीएम मोदी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इनमें वो कलाकार भी हैं जो पीएम मोदी के सम्मुख अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. भारतीय मूल के प्रदीप बत्रा ने कहा कि वो दस साल बाद प्रधानमंत्री मोदी को अपने सामने देखेंगे. 2015 में उन्होंने पीएम मोदी को साक्षात देखा था और तब से ही उनका इंतजार कर रहे थे. इस दौरान उनके साथ मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी मौजूद होंगे. वो बोले, 'हम उत्साहित हैं और ये हम सब भारतीयों के लिए हर्ष और गौरव का क्षण होगा.' एक डांस ग्रुप की निदेशक कल्पना के अनुसार, वो पीएम मोदी को देखने के लिए उत्साहित हैं. वो भी 10 साल पहले उस ग्रुप का हिस्सा थी जिसने भारतीय प्रधानमंत्री के सामने भारतीय संस्कृति की सुघड़ प्रस्तुति दी थी. उन्होंने कहा, 'मलेशिया को पीएम मोदी से अगाध प्यार है और उनके स्वागत को वो तत्पर हैं.'
मलेशिया में भारतीय मूल के लोग बड़ी तादाद में हैं. इस टूर के दौरान प्रधानमंत्री के स्वागत में एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें शास्त्रीय और लोक कला में माहिर कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. 800 से 1000 डांसर मंच पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे.

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कुल मिलाकर, विश्लेषकों द्वारा इस यात्रा को ऐतिहासिक और 'लंबे समय से प्रतीक्षित' माना जा रहा है, जो भारत के आसियान के साथ गहरा जुड़ाव, तकनीकी सहयोग और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रयासों में मलेशिया को एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करती है. 

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