चीन से पहले जापान क्यों जा रहे PM मोदी, SCO समिट में क्या है प्लान? विदेश मंत्रालय ने सब बताया

पीएम मोदी की जापान और चीन यात्रा से पहले एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय ने SCO शिखर सम्मेलन का भी पूरा शेड्यूल बताया.

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री
पीटीआई
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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं बैठक में भाग लेने जाएंगे.
  • पीएम मोदी चीन से पहले जापान का दौरा करेंगे. लगभग 7 वर्षों में जापान की उनकी पहली स्टैंडअलोन यात्रा भी है.
  • SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कुछ द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है- विदेश मंत्रालय
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन का दौरा करेंगे. इस शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री के कुछ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है. विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) तन्मय लाल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी.

पीएम मोदी की जापान और चीन यात्रा से पहले एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर 31 अगस्त और 1 सितंबर को शंघाई सहयोग परिषद (SCO) प्रमुखों की परिषद की 25वीं बैठक के लिए चीन के तियानजिन का दौरा करेंगे."

चीन दौरा

तन्मय लाल ने तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन के लिए कार्यक्रम शेड्यूल (प्रोग्राम एलिमेंट) शेयर करते हुए कहा कि इसमें 31 अगस्त की शाम को एक स्वागत डिनर शामिल है. 1 सितंबर को मुख्य शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. तन्मय लाल ने मीडिया से कहा, "इसके अलावा, प्रधान मंत्री द्वारा SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर कुछ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है."

SCO के प्राथमिक लक्ष्यों- आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन बुराइयों का मुकाबला करने पर प्रकाश डालते हुए, तन्मय लाल ने रेखांकित किया कि SCO सदस्यों के बीच सहयोग के व्यापक क्षेत्र हैं.

उन्होंने बताया किया कि कैसे पीएम मोदी ने पिछले विभिन्न SCO शिखर सम्मेलनों में लगातार भाग लिया है - 2018 में चेंगदाओ में, 2019 में बिश्केक में, 2020 में मास्को में (वर्चुअल फॉर्मेट में), 2021 में दुशांबे में (वर्चुअल फॉर्मेट में), 2022 में ताशकंद में, 2023 में नई दिल्ली में (वर्चुअल फॉर्मेट में).

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे हाल के महीनों में, भारत ने कई मंत्री स्तर, वरिष्ठ स्तर, SCO की चल रही प्रक्रियाओं में भाग लिया है. अलग अलग बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोभाल; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया है.

गौरतलब है कि SCO में 10 सदस्य देश शामिल हैं. इनमें भारत के अलावा बेलारूस, चीन, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं. अनेक देश संवाद भागीदार और पर्यवेक्षक भी हैं. भारत 2017 से SCO का सदस्य है, जबकि इससे पहले 2005 से इसका पर्यवेक्षक था. 

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जापान दौरा

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पीएम मोदी की जापान यात्रा के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया, "प्रधानमंत्री मोदी 28 अगस्त की शाम को जापान की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं. वह जापान के प्रधान मंत्री महामहिम शिगेरू इशिबा के साथ 15वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक आयोजित करने के लिए 29 और 30 अगस्त को जापान में होंगे. यह कई कारणों से एक महत्वपूर्ण यात्रा है. यह प्रधान मंत्री मोदी की प्रधान मंत्री इशिबा के साथ पहली वार्षिक शिखर बैठक है. यह लगभग 7 वर्षों में जापान की उनकी पहली स्टैंडअलोन यात्रा भी है…”

“...उन्होंने आखिरी बार 2018 में वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान का दौरा किया था. उसके बाद भी उन्होंने जापान का दौरा किया है, लेकिन यह एक यात्रा होगी जो भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय एजेंडे के लिए पूरी तरह से समर्पित होगी. 2014 में पदभार संभालने के बाद से यह प्रधान मंत्री की जापान की आठवीं यात्रा है और हमारे विदेशी संबंधों में इस विशेष संबंध को बहुत उच्च प्राथमिकता देती है.”

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