भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट, भारत के प्रधान न्यायाधीश, केंद्रीय निर्वाचन आयोग के बारे में फेक न्यूज़ फैलाने वाले एक यूट्यूब चैनल के बारे में प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्टचेक ट्विटर हैंडल पर सूचना दी गई है.
माइक्रो-ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर @PIBFactCheck ने मंगलवार को कुछ ट्वीट किए, जिनमें बताया गया है कि 'न्यूज़ हेडलाइन्स' नामक यूट्यूब चैनल के पास लगभग 10 लाख सब्सक्राइबर हैं, और उनके द्वारा पोस्ट किए गए सभी वीडियो को अब तक 32 करोड़ बार देखा जा चुका है, लेकिन इस चैनल पर भारतीय PM, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, भारत के CJI तथा केंद्रीय चुनाव आयोग के बारे में Fake News फैलाई जा रही है.
A #YouTube channel ‘News Headlines' with almost 10 lakh subscribers and 32 crore views has been found to be propagating #FakeNews about the Prime Minister, Supreme Court of India, Chief Justice of India, and the Election Commission of India pic.twitter.com/9qUR7xqBd9
December 20, 2022इस यूट्यूब चैनल के बारे में PIB फैक्ट चेक द्वारा पोस्ट किए गए एक और ट्वीट में ऐसी ही एक फर्ज़ी ख़बर का ज़िक्र है, जिसके मुताबिक भारत के प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया, और देशभर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. 'न्यूज़ हेडलाइन्स' चैनल पर यह फर्ज़ी ख़बर एक साल पहले अपलोड की गई थी, और इसे भी 20,000 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है.
Advertisement𝐂𝐥𝐚𝐢𝐦
December 20, 2022
▪️ The Prime Minister of India has resigned
▪️ President Rule has been imposed in the country.
𝐅𝐚𝐜𝐭
✔️ This claim is #Fake.
✔️ Kindly refrain from sharing & interacting with such misleading videos.
#PIBFactCheck pic.twitter.com/qE8qOar7XrPIB ने मंगलवार को ही एक और यूट्यूब चैनल 'सरकारी अपडेट' पर भी लगभग सारा कॉन्टेन्ट फर्ज़ी होने का दावा किया, जिसके पास 22.6 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं. PIB के अनुसार, इस चैनल पर भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर फर्ज़ी ख़बरें चलाई जा रही हैं.
AdvertisementA YouTube channel ‘SarkariUpdate' with over 2.26M subscribers found to be propagating #FakeNews about various schemes of the Government of India. @PIBFactCheck found almost all of its content to be fake. Here's a thread⬇️ pic.twitter.com/yg309uwRq2
December 20, 2022PIB फैक्ट चेक ने इसके अलावा एक और यूट्यूब चैनल को लेकर भी फर्ज़ी होने की बात कही है, जिसके लगभग 65,000 सब्सक्राइबर हैं. इस चैनल पर जानी-मानी हस्तियों की मौत के झूठे दावे किए जाते हैं, तथा सरकारी फ़ैसलों को लेकर फर्ज़ी ख़बरें प्रकाशित की जाती हैं.














