- भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और अगले 60 दिनों तक पर्याप्त भंडार उपलब्ध है
- सरकार ने PNG-NCG की सप्लाई 100% बनाए रखने, औद्योगिक उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध कराने का भरोसा दिया
- LPG की कमर्शियल सप्लाई बढ़ाकर होटल, रेस्टोरेंट और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता देने के लिए आवंटन में वृद्धि
Petrol LPG Cylinder Shortage: भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस (LPG,PNG,LNG) की कोई कमी है. अगले 60 दिनों तक लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. मोदी सरकार ने गुरुवार को बताया कि देश में 60 दिन का तेल भंडार और 30 दिन के लिए एलपीजी आपूर्ति की पूरी व्यवस्था है. ऐसे में लोगों को घबराहत में पेट्रोल-डीजल या एलपीजी गैस सिलेंडरों को जमा करके रखने की जरूरत नहीं है. इस बीच केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ संपर्क बनाए हुए है, ताकि सप्लाई चेन में कोई दिक्कत न आए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आज बातचीज करने जा रहे हैं. इससे पहले, बुधवार शाम को नई दिल्ली में संसद भवन परिसर में सरकार ने मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा के लिए एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाई थी.
सरकार ने उठाए ये कदम
- केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी रिटेल पेट्रोल पंप सुचारू रूप से काम कर रहे हैं. सरकार के मुताबिक, देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है.
- सरकार ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है.
- कुछ जगहों पर अफवाहों के चलते लोगों ने घबराकर ज्यादा खरीदारी की, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं.
- सरकार ने बताया कि घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी ट्रांसपोर्ट की आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखी जा रही है.
- औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई दी जा रही है, ताकि उनका कामकाज प्रभावित न हो.
- सरकार ने नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026 को अधिसूचित किया है. इसका उद्देश्य पूरे देश में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को तेज करना है.
- पीएनजी कनेक्शन के विस्तार में भी तेजी आई है. एक ही दिन में 110 से ज्यादा भौगोलिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड 9,046 नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए. इस काम को बढ़ावा देने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और 'गेल' जैसी कंपनियां नए प्रोत्साहन दे रही हैं.
- प्रक्रिया को और तेज करने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) को निर्देश दिया गया है कि वे सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) से जुड़े आवेदनों का निपटारा 10 दिनों के भीतर करें. वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने निर्देश दिया है कि आवासीय स्कूल, छात्रावास और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों पर पीएनजी कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर 5 दिनों में दिए जाएं.
- एलपीजी की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है. इस अतिरिक्त सप्लाई को खासतौर पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर में प्राथमिकता दी जा रही है.
- राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी देने की भी पेशकश की गई है, जो इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी तेजी से उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट कर रहे हैं.
- गड़बड़ियों पर सख्ती दिखाते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक ही दिन में 2,700 से ज्यादा छापेमारी की गई, जिसमें 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए. अब तक 650 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
- एलपीजी की मांग कम करने के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन भी आवंटित किया गया है. साथ ही, कोयला मंत्रालय ने छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा मिल सके.
तो LPG सिलेंडर जल्द से जल्द कर दें सरेंडर
गैस किल्लत से बचने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन इलाकों में पीएनजी की सुविधा है, वहां के लोगों को एलपीजी गैस सिलेंडर सरेंडर करना होगा. लोगों के पास इससे जुड़ मैसेज भी आने शुरू हो गए हैं. सरकार ने इसके लिए 3 महीनों का समय दिया है. अगर इस दौरान सिलेंडर सरेंडर नहीं किया, तो कनेक्शन रद्द कर दिया जाएगा. ऐसे में लोगों को तुरंत कदम उठाने की जरूरत है.
PM मोदी की मुख्यमंत्रियों संग आज बैठक
पीएम मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. एक अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे, जिसमें वे पश्चिम एशिया संघर्ष के संबंध में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे. अधिकारी ने कहा कि इस बैठक का मुख्य मकसद 'टीम इंडिया' की भावना के साथ मिलकर काम करने की कोशिशों में तालमेल बिठाना होगा. जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और इसका वैश्विक असर ज्यादा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, यह बैठक पीएम मोदी के लिए एक मंच का काम कर सकती है. इस मंच के जरिए पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देंगे और इस संकट से निपटने के भारत के तरीके पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश करेंगे. अधिकारी ने बताया, "चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वहां 'आचार संहिता' लागू है."
30 दिन की LPG और 60 दिन का कच्चा तेल मौजूद?
ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाने में प्रयुक्त कच्चा माल) की आधी आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन देश ने अगले 60 दिन के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है. साथ ही, ईंधन टैंक अनुकूलतम स्तर पर हैं और दो महीने की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हैं. एलपीजी के संबंध में, मंत्रालय ने कहा कि 8,00,000 टन एलपीजी कार्गो सुरक्षित कर लिए गए हैं और पूरे एक महीने की आपूर्ति की व्यवस्था पक्की कर ली गई है.
ये भी पढ़ें :- ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर 10 और दिनों तक हमला नहीं करेगा अमेरिका, ट्रंप बोले- ईरान के अनुरोध पर ऐसा किया
फिर, कुछ पेट्रोल पंप क्यों हुए बंद?
पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत की खबरों के बीच मोदी सरकार ने लोगों बताया कि देश में इतना ईंधन मौजूद है कि अगले 60 दिनों तक घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार ने बताया कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था कर ली गई है. सरकार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त भंडार है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है. बयान के अनुसार, विशेषकर छोटे शहरों में कुछ पेट्रोल पंप को पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा ‘कैश-एंड-कैरी' यानी नकद भुगतान प्रणाली लागू किए जाने के बाद ईंधन की आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
ये भी पढ़ें :- ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित ज़मीनी युद्ध के लिए 10 लाख से ज़्यादा लड़ाके जुटाए, रिपोर्ट में दावा













