ICU में भर्ती स्वीटी की मदद के लिए लोग कर रहे हैं योगदान, पुलिसकर्मियों ने दान किए 10 लाख रुपये

स्वीटी को टक्कर मारने के बाद फरार हुए आरोपी का पुलिस पता नहीं लगा पाई है. पुलिस का कहना है कि तीन टीम लगाई गई है. CCTV फुटेज देखे जा रहे है. जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी.

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अस्पताल के बाहर स्वीटी के साथी इलाज के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं.

नए साल के पूर्व संध्या पर तेज रफ्तार कार के टक्कर मारने से गंभीर रूप से घायल हुई बीटेक फाइनल ईयर की छात्रा स्वीटी अस्पताल के आईसीयू में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है. मूलरूप से बिहार की रहने वाली स्वीटी के इलाज पर लगभग दस लाख रुपये का खर्च आ रहा है. इस कारण उसके साथी उसके इलाज के लिए क्राउडफंडिंग कर पैसा इकट्ठा कर रहे हैं और इंटरनेट मीडिया पर आर्थिक मदद मांग रहे हैं. वहीं कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर के पुलिसकर्मियों ने एक दिन का वेतन, 10 लाख रुपये की धनराशि इलाज हेतु देने की घोषणा की है.

अस्पताल के बाहर स्वीटी के साथी इलाज के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं. आशीर्वाद मणि त्रिपाठी बताते है कि अब तक 5 लाख रुपये इकट्ठा किया जा चुका है. स्वीटी के माता-पिता पटना में रहते है और लोअर मिडिल क्लास से है, जो इलाज का खर्च को वहन करने में असमर्थ है. छात्रा के परिवार की स्थिति को देखते हुए कालेज प्रबंधन ने एक लाख रुपये की मदद दी है. कॉलेज के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने बताया कि कॉलेज के स्टाफ के सहयोग से भी लगभग एक लाख रुपये एकत्र किए गए हैं. एकत्र पैसा छात्रा के इलाज के लिए परिजनों को दिया जाएगा.

दूसरी ओर पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के पहल पर घायल स्वीटी को इलाज के लिए कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस के द्वारा 10 लाख रुपये की धनराशि  इलाज हेतु देने की घोषणा की है.

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घटना के बाद पुलिस ने मामले में सक्रियता नहीं दिखाई थी. घायल छात्रा के कोमा में जाने व इंटरनेट मीडिया पर मामला उछलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. स्वीटी को टक्कर मारने के बाद फरार हुए आरोपी का पुलिस पता नहीं लगा पाई है. पुलिस का कहना है कि तीन टीम लगाई गई है. CCTV फुटेज देखे जा रहे है. जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी

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