Exclusive: बम का नदी में ट्रायल, रांची का PG रूम बना आतंकियों का अड्डा, ऐसे रची थी देश को दहलाने की साजिश

झारखंड के रांची में आतंकी दानिश ने भारत में ISIS के लिए ऑनलाइन रिक्रूटमेंट की शुरुआत की थी. पाकिस्तान से उसे कुछ मोबाइल नंबर और फर्जी आईडी भेजी गईं, जिनके जरिए वह देश में युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने लगा. ISIS से जुड़े आतंकियों ने Signal ऐप पर दो ग्रुप बनाए — Interns Interview और Business Idea. इन ग्रुप्स के जरिए न सिर्फ रिक्रूटमेंट किया गया, बल्कि आतंकवाद के लिए फंड इकट्ठा करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई.

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  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई राज्यों में छापेमारी कर ISIS के आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया
  • रांची में रहने वाला दानिश ISIS का विस्फोटक निर्माण केंद्र चला रहा था और ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहा था
  • दानिश और अन्य आतंकियों से बड़ी मात्रा में हथियार और बम बनाने के खतरनाक केमिकल बरामद
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नई दिल्ली:

भारत में ISIS ने झारखंड को अपना रिक्रूटमेंट और विस्फोटक निर्माण का अड्डा बना लिया था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में देश के कई राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी कर इस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस ऑपरेशन में झारखंड, तेलंगाना, बेंगलुरु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 5 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आतंकियों में अश्हर दानिश, आफ़ताब कुरैशी, सुफ़ियान अबूबकर खान, मोहम्मद हुज़ैफ़ यमन, और कामरान कुरैशी शामिल हैं. इनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और बम बनाने का केमिकल बरामद किया गया है.

रांची में आतंकियों का अड्डा 

झारखंड में ISIS की विस्फोटक फैक्ट्री

रांची के तबारक लॉज में रहने वाला आतंकी दानिश इस मॉड्यूल का अहम हिस्सा था. वह यहां PG के तौर पर रह रहा था और SSC की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए वो पाकिस्तान के हैंडलर से संपर्क में आया और आतंक की राह पर चल पड़ा. दानिश ने अपने ठिकाने को ISIS का विस्फोटक बनाने का हेडक्वार्टर बना दिया था. यहां से पोटेशियम नाइट्रेट समेत कई खतरनाक केमिकल भी बरामद किए गए हैं, जिनसे बड़े आतंकी हमलों की तैयारी की जा रही थी.

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ऑनलाइन क्लास से तबाही की ट्रेनिंग

पाकिस्तान से दानिश को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई, फिर उसने PETN और TATP बम बनाना सीखा, और गन बनाने के ब्लूप्रिंट भी ISIS ग्रुप्स में शेयर किए. इसके लिए उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Amazon से चाकू और केमिकल मंगाए. ISIS आतंकियों ने Signal ऐप पर दो ग्रुप बनाए –

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  • इंटर्न इंटरव्यू
  • बिजनेस आइडिया

इन ग्रुप्स के जरिए फंड जुटाया गया और भारत में आतंकी रिक्रूटमेंट शुरू किया गया. दानिश ने बम बनाकर उसकी तस्वीरें ग्रुप में शेयर कीं, और फिर रांची की सोनरेखा नदी में उनका ट्रायल किया. स्पेशल सेल की पूछताछ में सामने आया है कि दानिश हर तरह के बम और विस्फोटक बनाने में माहिर था. वह विस्फोटक को असेंबल कर नदी में फेंकता था ताकि यह तस्दीक हो सके कि बम कितना ताकतवर है और कितनी तबाही मचा सकता है.

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ISIS के निशाने पर थे VVIP और राजनीतिक नेता

गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि ISIS के निशाने पर देश के बड़े VVIP, बीजेपी और आरएसएस के नेता थे. ये आतंकी टारगेट किलिंग और धार्मिक स्थलों पर हमले की साजिश रच रहे थे. दानिश के ठिकाने से यह भी पता चला कि भारत में आतंकी तैयार करने के लिए पाकिस्तान से नंबर और आईडी भेजे गए थे. यहीं से ऑनलाइन रिक्रूटमेंट शुरू हुआ. दानिश ने लैपटॉप से बम बनाना सीखा, और फिर ISIS ग्रुप्स में फोटो और ब्लूप्रिंट शेयर किए.

यह खुलासा भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे आतंकी संगठन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए देश के अंदर अपने नेटवर्क को फैला रहे हैं. झारखंड जैसे शांत राज्य को ISIS ने विस्फोटक निर्माण और रिक्रूटमेंट का केंद्र बना लिया था.
 

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