ऑपरेशन सिंदूर विवादित पोस्ट मामला: एसोसिएट प्रोफेसर अली खान की अंतरिम जमानत जुलाई तक बढ़ी

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा हम इस मुद्दे पर समानांतर मीडिया ट्रायल नहीं चाहते. वह किसी भी अन्य विषय पर लिखने के लिए स्वतंत्र हैं.  उनके बोलने के अधिकार पर कोई बाधा नहीं होनी चाहिए.

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जस्टिस सूर्यकांत ने कहा हम इस मुद्दे पर समानांतर मीडिया ट्रायल नहीं चाहते.
नई दिल्ली:

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित पोस्ट मामले में हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान की अंतरिम जमानत जुलाई तक बढ़ी दी गई है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा पुलिस की SIT को तब तक अपनी जांच पूरी करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को यह बताने को कहा कि महमूदाबाद के खिलाफ दो FIR दर्ज करने के तरीके पर NHRC के नोटिस का उसने क्या जवाब दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल महमूदाबाद की अंतरिम जमानत  शर्तों में ऐसे पोस्ट ना करने को हटाने  की मांग पर बाद में विचार करने को कहा है. 

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा हम इस मुद्दे पर समानांतर मीडिया ट्रायल नहीं चाहते. वह किसी भी अन्य विषय पर लिखने के लिए स्वतंत्र हैं. उनके बोलने के अधिकार पर कोई बाधा नहीं होनी चाहिए. अब इस मामले में जुलाई में सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIT की जांच इन कार्यवाहियों के विषय 2 एफआईआर की सामग्री तक ही सीमित रहेगी. अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में दाखिल होने से पहले, जांच रिपोर्ट इस अदालत के समक्ष पेश की जानी चाहिए. अंतरिम संरक्षण अगले आदेश तक जारी रहेगा.

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान को जमानत देते हुए इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT का गठन किया था. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया था. साथ ही आदेश दिया था कि प्रोफेसर अली खान सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट से जुड़ा कोई दूसरा पोस्ट नहीं लिखेंगे. अली खान की सोशल मीडिया पोस्ट की भाषा पर सवाल उठते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें यकीन है कि वह बहुत शिक्षित है. आप दूसरों को चोट पहुंचाए बिना बहुत सरल भाषा में अपनी बात कह सकते थे, ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते थे जो सरल और सम्मानजनक हों.

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