इंडिया गठबंधन की बैठक.
- संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा और विपक्षी दल सत्र को लेकर रणनीति बना रहे हैं.
- इंडिया गठबंधन की 24 दलों की बैठक में सरकार की ज्यादतियों को उजागर करने और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई है.
- विपक्ष मानसून सत्र में आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर, SIR, विदेशी नीति, दलित अल्पसंख्यक अत्याचार और अहमदाबाद विमान हादसे पर सरकार को घेरने वाला है.
Parliament Monsoon Session: 21 जुलाई से शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र हंगामेदार रहेगा. इस बात के संकेत शनिवार इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉफ्रेंस से मिली. शनिवार शाम इंडिया गठबंधन के अलग-अलग दलों के नेता ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए. इस बैठक में यह मानसून सत्र को लेकर चर्चा हुई. साथ ही यह तय किया गया कि विपक्षी दल किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी. बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने प्रेस कॉफ्रेंस कर बताया कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने यह भी कहा कि मानसून सत्र में सरकार की ज्यादतियों को कैसे उजागर करें, इसपर रणनीति बनी.
बैठक के बाद प्रेस कॉफ्रेंस में प्रमोद तिवारी ने कहा, इंडिया गठबंधन में शामिल 24 दलों की बैठक हुई. मानसून सत्र में सरकार की ज्यादतियों को कैसे उजागर करें, इसपर रणनीति बनी. उन्होंने बताया कि बैठक में चर्चा के बाद तय हुआ कि इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.
मानसून सत्र में इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
- 1. पहलगाम आतंकी हमला: आतंकियों को अब तक पकड़ा क्यों नहीं गया.
- 2: ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर और ट्रम्प के दावे: ट्रम्प ने 24 बार बोला कि ट्रेड डील के बदले सीजफायर करवाया और पीएम चुप हैं.. इस पर चर्चा के दौरान पीएम को मौजूद रहना चाहिए और जवाब देना चाहिए.
- 3. एसआईआर: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को विपक्ष वोट बंदी बता रहा है. चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से फर्जी वोटरों को हटाया जाएगा. लेकिन विपक्ष रिवीजन की टाइमिंग, प्रक्रिया और कम समय दिए जाने पर सवाल उठा रहा है.
- 4. विदेश नीति: भारत की विदेश नीति पर भी विपक्ष मानसून सत्र में सरकार को घेरेगी. खास कर चीन, गाजा के मामलों पर.
- 5. दलित, अल्पसंख्यकों, महिलाओं पर अत्याचार: देश के अलग-अलग राज्यों में दलित, अल्पसंख्यक और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के मामले को भी विपक्ष में संसद में उठाएगा.
- 6. परिसीमन: विपक्ष इस सत्र में परिसीमन के मुद्दे को भी उठाएगा.इसको लेकर दक्षिण के राज्य दबाव बना रहे हैं क्योंकि उनको लगता है कि जनसंख्या नियंत्रण की वजह से उनकी सीटें कम हो जाएगी
- 7. अहमदाबाद प्लेन हादसाः अहमदाबाद में क्रैश हुए प्लेन में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. इस विमान के साथ यह दुर्घटना क्यों हुई. किसकी गलती थी. इन मुद्दों पर भी विपक्षी दलें सवाल उठाएंगीं. खासकर हादसे के बाद जो रिपोर्ट आई है उसमें कुछ साफ नहीं है विपक्ष इसको यात्री सुरक्षा से जोड़ कर उठाएगा.
प्रमोद तिवारी ने यह भी बताया कि इंडिया गठबंधन की अगली बैठक जल्द होगी. बैठक में ममता, अखिलेश, स्टालिन के मौजूद नहीं रहने पर भी कांग्रेस ने सफाई दी है. प्रमोद तिवारी ने कहा, सभी दलों के प्रमुख नेता बैठक में मौजूद रहे.. अभिषेक बनर्जी आए, अखिलेश यादव ने बात की और उनकी जगह रामगोपाल यादव आए.
21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
मालूम हो कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा. इस सत्र को लेकर विपक्ष अपनी तैयारी में जुटा है. इसी तैयारी को लेकर शनिवार को इंडिया गठबंधन की वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई. इस बैठक में करीब 24 दलों के नेता मौजूद रहे. हालांकि, इसमें से आम आदमी पार्टी शामिल नहीं हुई.
इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल दलों के नेता
1. कांग्रेस : सोनिया गांधी, राहुल गांधी, खरगे
2. जेएमएम: हेमंत सोरेन
3. समाजवादी पार्टी: रामगोपाल यादव
4. आरजेडी: तेजस्वी यादव
5. एनसीपी एसपी: शरद पवार
6. शिव सेना यूबीटी: उद्धव ठाकरे, संजय राउत
7. टीएमसी: अभिषेक बनर्जी
8. सीपीएम: एम ए बेबी
10. सीपीआई: डी राजा
11. सीपीआई एमएल: दीपांकर भट्टाचार्य
12. एनसी: उमर अब्दुल्ला
13. केरल कांग्रेस एम: जोश के मणि
14. आरएसपी: एनके प्रेमचंद्रन
15. डीएमके : तिरुचि शिवा
16. आईयूएमएल: पीके कुन्हलिकुट्टी
17. फॉरवर्ड ब्लॉक: गणेशन देवराजन
18. शेतकारी कामगार पक्ष: जयंत पाटिल
19. वीसीके: थिरुमावलवन
इंडिया गठबंधन की बैठक से जुड़ी बड़ी बातें
- एक तरफ़ 24 दलों को इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल करा कांग्रेस ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है लेकिन गठबंधन के टॉप पाँच में से तीन दलों के अध्यक्ष बैठक में शामिल नहीं हुए हैं.
- इंडिया गठबंधन की बैठक में ज्यादातर दलों के अध्यक्ष या शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं लेकिन ममता बनर्जी के अलावा अखिलेश यादव और स्टालिन ने ख़ुद शामिल ना होकर पार्टी प्रतिनिधि को बैठक में भेजा है.
- संख्या बल के आधार पर इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके नंबर दो, तीन और चार पर आती हैं.
- लेकिन ये अहम बात है एक साल बाद हो रही इस बैठक के बावजूद इन दलों के अध्यक्षों ने ख़ुद शामिल नहीं होने का फैसला किया.
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