- अयोध्या में राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में नॉन-वेज भोजन की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध
- महामंडलेश्वर विष्णु दास ने इस प्रतिबंध को सही बताया और सरकार व प्रशासन को धन्यवाद दिया है
- उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर नॉन-वेज की बिक्री बंद करने से धर्म स्थल का सम्मान बना रहता है
अयोध्या में राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में नॉन-वेज भोजन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का मामला गरमाने लगा है. प्रशासन के इस फैसले को लेकर महामंडलेश्वर विष्णु दास ने भी अब अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि इस फैसले को सही बताया है. महामंडलेश्वर विष्णु दास ने शनिवार को कहा कि हमारे धर्मग्रंथों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी जीवित प्राणी को मारने और जानवरों को भोजन के रूप में खाने को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि अब, यह अयोध्या है भगवान राम, पुरूषोत्तम भगवान राम की नगरी. यहां मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और इसके लिए मैं सरकार और प्रशासन को धन्यवाद देता हूं. अयोध्या ही नहीं पूरे भारत में जहां भी धार्मिक स्थल हैं वहां पर नॉन वेज की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए. क्योंकि ऐसा ना करने से धर्म स्थल का अपमान होता है. अयोध्या में इस बैन को लेकर हम साधु संत बेहद खुश हैं. लेकिन अयोध्या के साथ-साथ हरिद्वार, मथुरा और दूसरे धार्मिक स्थलों पर इसे बैन करने का फैसला लिया जाना चाहिए.
आपको बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग की परिधि में नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. यह प्रतिबंध अब केवल होटल, ढाबे और दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऑनलाइन खाना डिलीवरी करने वाली कंपनियों पर भी लागू होगा. प्रशासन ने इस संबंध में होटल संचालकों, दुकानदारों, गेस्ट हाउस, होम-स्टे और ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों को अपने आदेश से अवगत करा दिया है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.
सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि धर्म नगरी अयोध्या में आने वाले कुछ लोग अपने होटल के कमरें में ऑन लाइन ऑर्डर देकर नॉन वेज मंगवा लेते थे ,अब अयोध्या धाम और पंच कोसी परिक्रमा मार्ग के पास के सभी होटल, रेस्टोरेंट ,ढाबा और होम स्टे पर अगर कोई आन लाइन नॉनवेज मंगवाता है तो ऑर्डर भेजने वाले के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी.
यह भी पढ़ें: वृंदावन से उज्जैन तक श्रद्धालुओं की भीड़, VIP दर्शन बंद, होटल-धर्मशाला फुली बुक, प्रशासन कर रहा न आने की अपील














