- दिल्ली सरकार ने एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 लागू कर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की
- योजना में 11 प्रमुख क्षेत्रों पर काम होगा, विभागवार जिम्मेदारी और समयसीमा के साथ रियल टाइम निगरानी होगी
- नो पीयूसी नो फ्यूल नियम कड़ाई से लागू होगा, बीएस-VI, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को ही मिलेगी एंट्री
दिल्ली सरकार ने एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 लागू कर दिया है. प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन' में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में केबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह, मुख्य सचिव, दिल्ली मेट्रो रेल निगम समेत यातायात पुलिस और सरकार के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन बजट के जरिए दिल्ली सरकार ने साफ हवा और पर्यावरण को अपनी प्राथमिकता बनाया है. इस बजट में साफ परिवहन, धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण की निगरानी के लिए पर्याप्त धन दिया गया है.
प्रदूषण को खत्म करने की क्या है कार्ययोजना
इस एक्शन प्लान में 11 अहम क्षेत्रों पर काम किया जाएगा और अलग-अलग विभाग मिलकर इसे लागू करेंगे. हर काम के लिए समय-सीमा व जिम्मेदारी तय है और रियल-टाइम निगरानी की व्यवस्था भी की गई है. ग्रीन बजट से इन सभी योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा दिया गया है ताकि इन्हें समय पर और सही तरीके से पूरा किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन से होने वाले प्रदूषण पर सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है और इस मामले में बिल्कुल भी ढील नहीं दी जाएगी.
सार्वजनिक परिवहन और ईवी पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर निवेश कर रही है. वर्ष 2028-29 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर होगा. मेट्रो और आरआरटीएस नेटवर्क के साथ फीडर बसों, ई-ऑटो और अन्य साझा परिवहन साधनों को जोड़कर अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें.
कचरा प्रबंधन और लैंडफिल खत्म करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के तहत पुराने लैंडफिल को तय समयसीमा में समाप्त किया जाएगा. ओखला को जुलाई 2026 तक, भलस्वा को दिसंबर 2026 तक और गाजीपुर को दिसंबर 2027 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. ई-वेस्ट इको पार्क जैसे सर्कुलर इकोनॉमी प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम किया जाएगा. बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक हीटर वितरण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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