नई दिल्ली:
2002 के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव की अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और नीतीश कटारा की मां से जवाब दाखिल करने को कहा है.
दोषी विकास यादव ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मांगी है. विकास यादव की तरफ से कहा गया कि वो 25 साल की सजा में से 23 साल जेल में बिता चुका है.
सुप्रीम कोर्ट ने एम्स द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से दोषी विकास यादव मी मां की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है.
दोषी विकास यादव ने कहा है कि जेल की सजा काटते हुए उसे 23 साल हो गए हैं.
नीतीश कटारा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने ही विकास यादव को 25 साल की सजा सुनाई थी, जबकि विकास यादव को निचली अदालत और हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिली थी.
पीड़ित नीलम कटारा की तरफ से इस अंतरिम जमानत का विरोध किया गया. नीलम कटारा की ओर से पेश वकील ने कहा कि यादव के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है, क्योंकि 98 बार उन्होंने कहा है कि वे एम्स जा रहे हैं और वे एम्स गए ही नहीं. यादव ने इस आधार पर हाईकोर्ट को भी गुमराह किया है.
जस्टिस अभय ओक ने कहा कि हमें याचिकाकर्ता और उसकी मां के स्वास्थ्य के बीच अंतर करना होगा.
इस मामले पर अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी.
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