- लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर 30 मार्च को चर्चा होगी, जिसमें सरकार नक्सलियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन पेश करेगी.
- हाल ही में वरिष्ठ नक्सली कमांडर पापा राव ने 17 साथियों के साथ सरेंडर किया.
- फरवरी में एक करोड़ का इनामी नक्सली देवजी ने सरेंडर किया, जो माओवादी केंद्रीय समिति का महत्वपूर्ण सदस्य था.
Discussion on Naxal-Free India in Lok Sabha: नक्सल मुक्त भारत पर लोकसभा में सोमवार 30 मार्च को चर्चा होगी. लोकसभा की कार्यसूची (लिस्ट ऑफ बिज़नेस) के अनुसार, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे नियम 193 के तहत अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करेंगे. जिसके बाद सरकार नक्सलियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन का पूरा खाका पेश करेगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सल फ्री इंडिया के लिए तय किए गए 31 मार्च की समयसीमा से पहले यह अहम चर्चा होगी. 31 मार्च को समाप्त होने वाली नक्सल फ्री इंडिया की डेडलाइन से पहले लोकसभा में होने वाली यह चर्चा अहम मानी जा रही है. लोकसभा की इस चर्चा से पहले आइए जानते हैं कि बीते कुछ महीनों में भारत में कौन-कौन बड़े नक्सली ढेर हुए या उन्होंने सरेंडर किया?
24 मार्चः 17 साथियों के साथ वरिष्ठ कमांडर पापा राव का सरेंडर
24 मार्च को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के वरिष्ठ कमांडर पापा राव ने मंगलवार को अपने दल के 17 सदस्यों के साथ सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. पापा राव का समर्पण छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अहम पड़ाव है. यह समर्पण देश के सबसे लंबे समय से चल रहे उग्रवादों में से एक के कमजोर होने का स्पष्ट संकेत है.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा, ‘‘ नक्सली संगठन में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य तथा साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापा राव का 17 अन्य साथियों के साथ पुनर्वास, क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के हमारे सतत प्रयासों में एक निर्णायक सफलता का प्रतीक है.''
सुंदरराज ने बताया कि पापा राव, डिविजनल कमेटी सदस्य प्रकाश मड़वी, अनिल ताती सहित कुल 18 माओवादियों के इस समूह ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा के साथ आत्मसमर्पण किया है. इनमें सात महिला नक्सली भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने आत्मसपर्मण के दौरान एके-47 राइफलें तथा अन्य हथियार भी सौंपे.
22 फरवरीः एक करोड़ का इनामी देवजी का सरेंडर
22 फरवरी को एक करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर देवजी ने सरेंडर किया. उसने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) का गठन किया था और भाकपा (माओवादी) के प्रमुख केंद्रीय समिति सदस्य और माओवादी पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य बना था. देवजी, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के माड़ से संचालित केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के प्रभारी के रूप में कार्यरत था. माना जाता है कि देवजी (62) ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- माओवादी (भाकपा-माओवादी)के दिवंगत महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजु का स्थान लिया था, जिसकी मई 2025 में मृत्यु हो गई थी.
सूत्रों के अनुसार, 1982 में जगतियाल जिले के कोरुतला में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान देवजी रैडिकल स्टूडेंट यूनियन (आरएसयू) की ओर आकर्षित हुआ. इसी दौरान करीमनगर जिले में आरएसयू और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के बीच झड़पें हुईं और देवजी को इस मामले में आरोपी बनाया गया था. देवजी 1983 में, भाकपा माले (पीडब्ल्यूजी) में शामिल हुआ और भूमिगत हो गया.
सूत्रों के अनुसार, 1983-1984 के दौरान उसने गडचिरोली दलम में दलम सदस्य के रूप में काम किया और 1985 में उसे क्षेत्रीय समिति सदस्य के पद पर पदोन्नत किया गया. इसके बाद 2001 में उसे केंद्रीय समिति सदस्य के रूप में पदोन्नत किया गया और 2016 में वह सीएमसी का प्रभारी था.
22 जनवरी को झारखंड में 2.35 करोड़ का नक्सली अनल ढेर
22 जनवरी को झारखंड के सरांडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों ने माओवादी केंद्रीय समिति के सदस्य पतराम मांझी उर्फ “अनल” को मार गिराया. इसे अनल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मराण्डी उर्फ रमेश आदि नामों से जाना जाता था. अनल मूलरूप से ग्राम झरहाबाले थाना-पीरटांड जिला-गिरिडीह का रहने वाला था. इसके पिता का नाम टोटो मराण्डी उर्फ तारू मांझी है.
माओवाद से संबंधित 149 मामलों में वांछित अनल दा पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था, जिसमें झारखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये, ओडिशा सरकार द्वारा 1.2 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम शामिल था. अनल 3 मार्च, 2006 को झारखंड के बोकारो में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) शिविर पर हुए हमले में भी शामिल था, जिसमें सीआईएसएफ के पांच जवान मारे गए और दो घायल हुए थे.
जून 2019 में सेराइकेला-खरसावां जिले के कुकरू हाट में पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या और मई 2025 में ओडिशा में पांच टन विस्फोटक की लूट में भी अनल शामिल था.
18 जनवरी 2026: बीजापुर में दिलीप बेडजा सहित 6 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में अब तक 4 महिला माओवादियों सहित कुल 6 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं. मारे गए नक्सलियों में कुख्यात माओवादी कमांडर DVCM दिलीप बेडजा, ACM माड़वी कोसा, ACM महिला माओवादी लख्खी मड़काम और पार्टी सदस्य राधा की शिनाख्त हुई. मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं. सुरक्षाबलों ने 2 AK-47 रायफल, 1 इंसास रायफल, 2 नग 303 रायफल व 6 ग्रेनेड बरामद किए गए.
17 जनवरीः छत्तीसगढ़ में 50 लाख का इनामी पापा राव मारा गया
इसी साल 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ में दशकों से खौफ का दूसरा नाम बना माओवादी कमांडर पापा राव मारा गया. सुरक्षा बलों ने एक ऑपरेशन के तहत बीजापुर में उसको ढेर कर दिया. पापा राव पर सरकार ने 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. काफी समय से सुरक्षाबलों को पापा राव की तलाश थी. पापा राव की पहचान एक खूंखार नक्सल कमांडर की थी, जिसने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था, जिसमें काफी सुरक्षाबलों के जवान शहीद हुए. छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में पापा राव पिछले कई दशकों से आतंक का दूसरा नाम बना हुआ था.
25 दिसंबरः ओडिशा में एक करोड़ का इनामी गणेश उइके ढेर
पिछले साल 25 दिसंबर को ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षाबलों ने 1 करोड़ के इनामी और सीपीआई (माओवादी) सेंट्रल कमेटी सदस्य गणेश उइके को एनकाउंटर में मार गिराया था. हिड़मा के बाद यह नक्सल नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार माना गया. गणेश उइके 69 साल की उम्र में भी ‘लाल आतंक' का झंडा उठाए हुए था. हाथ में AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार लेकर चलने वाला यह नक्सली बेहद खतरनाक माना जाता था. उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
गणेश उइके तेलंगाना के नलगोंडा जिले के चेंदूर मंडल के पुल्लेमाला गांव का रहने वाला था. वह कुल 7 नामों से जाना जाता था. गणेश उइके के अलावा पक्का हनुमंत, रूपा, राजेश तिवारी, चमरू दादा, गजराला रवि और सोमरू भी उसके नाम थे. वह छत्तीसगढ़ में 2013 के झीरम घाटी नरसंहार का मास्टरमाइंड था, जिसमें कई सीनियर कांग्रेस नेता मारे गए थे.
18 नवंबरः एक करोड़ का इनामी, 26 बड़े हमलों में शामिल हिडमा मारा गया
नवंबर 2026 में नक्सल कमांडर 43 साल का माडवी हिडमा उर्फ संतोष एनकाउंटर में मारा गया. वो सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य था. उसका जन्म 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में हुआ था. माडवी हिडमा CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था. हिडमा PLGA बटालियन नंबर-1 का चीफ था, जो माओवादियों की सबसे घातक स्ट्राइक यूनिट है. हिडमा पर ₹1 करोड़ का इनाम था और वह बस्तर का इकलौता आदिवासी था, जिसने सेंट्रल कमेटी में जगह बनाई.
उसने कम से कम 26 बड़े हमलों की साजिश रची, जिनमें 2010 का दंतेवाड़ा नरसंहार (76 CRPF जवान शहीद), 2013 का झीरम घाटी हमला (27 लोग मारे गए) और 2021 का सुकमा-बीजापुर एंबुश (22 जवान शहीद) शामिल हैं.
एक करोड़ का इनामी सहदेव सोरेन हजारीबाग में ढेर
झारखंड के हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पनतीतरी जंगल में कोबरा 209 और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जो तीन कुख्यात नक्सली मारे गए. इनमें सबसे बड़ा नाम सहदेव सोरेन उर्फ परवेश का था, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था. उसके साथ 25 लाख का इनामी रघुनाथ हेंब्रम और 10 लाख का इनामी बीरसेन गंझू भी मुठभेड़ में मारा गया. घटनास्थल से तीन AK-47 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए थे.
एक करोड़ का इनामी बालकृष्णा उर्फ मनोज मारा गया
सितंबर 2025 में ही CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के संयुक्त ऑपरेशन में 1 करोड़ का इनामी नक्सली सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को ढेर कर दिया था. मनोज, नक्सल संगठन का एक अहम सदस्य, इस ऑपरेशन में मारा गया है. वह पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा बलों के लिए एक प्रमुख चुनौती बना हुआ था, और उसके ऊपर 1 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया था. इसके अलावा, इस ऑपरेशन में और भी कई कुख्यात नक्सलियों का सफाया किया गया.
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