- महाराष्ट्र के नासिक में TCS में यौन शोषण और धर्मांतरण के मामले में अब तक 12 पीड़ितों की पहचान हुई है
- पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन कर करीब चालीस दिन तक सबूत जुटाकर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है
- आरोपियों में कंपनी के वरिष्ठ और जूनियर कर्मचारी शामिल हैं जिन पर महिला कर्मचारियों को निशाना बनाने का आरोप है
महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) में यौन शोषण और धर्मांतरण का मामला सामने आया है. पीड़ितों की संख्या भी बढ़कर 12 पहुंच गई है. इस मामले में TCS में काम करने वाले 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एक आरोपी निदा खान अब भी फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं.
ये पूरा मामला शायद सामने भी नहीं आ पाता, अगर पुलिस अंडरकवर ऑपरेशन नहीं चलाती. अंडरकवर टीम ने 40 दिन तक ऑपरेशन चलाया और उसके बाद इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया. इस मामले में 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं.
इस मामले में 8 महिला और 1 पुरुष कर्मचारी ने FIR दर्ज करवाई है. अब तक 12 पीड़ितों की पहचान पुलिस ने की है. क्या है यह पूरा मामला? कैसे हुआ इसका खुलासा? अब तक क्या-क्या हुआ? जानते हैं.
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कैसे हुआ इसका भंडाफोड़?
ये सारा खेल फरवरी 2021 से शुरू हुआ था. फरवरी 2026 में पहली पीड़िता ने देओलाली पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई.
इसके बाद नासिक पुलिस की 7 महिला पुलिसकर्मियों ने TCS में अंडरकवर ऑपरेशन चलाया. इसमें कई कॉन्स्टेबल ने हाउसकीपिंग स्टाफ से जुड़कर सभी फ्लोर और रिस्ट्रिक्टेड एरिया तक अपनी पहुंच बढ़ाई.
साफ-सफाई और मेंटेनेंस का स्टाफ इस टीम ने बिना किसी शक के हफ्तों तक रोजमर्रा के माहौल और सीनियर टीम लीडर्स के बर्ताव पर नजर रखी. अधिकारियों ने खास तौर पर प्राइवेट मीटिंग और जमावड़ों पर नजर रखी, ताकि उन दावों को पुख्ता किया जा सके कि कर्मचारियों को दफ्तर के समय में धार्मिक रीतियों को मानने के लिए मजबूर किया जा रहा था.
टीम ने रोजाना अपने सीनियर्स को रिपोर्ट दी और इस बात के सीधे सबूत दिए कि कैसे पीड़ितों पर दबाव डाला जा रहा था.
अंडरकवर ऑपरेशन के दौरान जुटाए सबूतों के आधार पर पुलिस ने 25 मार्च को पहली FIR दर्ज की. धीरे-धीरे और भी पीड़ित सामने आए. अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं.
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आरोपी कौन-कौन हैं?
- दानिश एजाज शेखः उम्र 32 साल. कंपनी में एसोसिएट के पद पर है. 2018 से कंपनी में काम कर रहा है.
- तौसिफ बिलाल अत्तरः उम्र 27 साल. कंपनी में एसोसिएट के पद पर है. 2017 से कंपनी में काम कर रहा है.
- रजा रफीक मेमनः उम्र 35 साल. कंपनी में टीम लीडर था. 2017 से कंपनी के साथ जुड़ा था.
- शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशीः उम्र 34 साल. कंपनी में एसोसिएट था. 2017 से कंपनी में काम कर रहा था.
- मोहम्मद शफी शेखः उम्र 36 साल. कंपनी में एसोसिएट था. 2017 से कंपनी में काम कर रहा था.
- आसिफ आलम आफताब आलम अंसारीः उम्र 22 साल. कंपनी में एसोसिएट था. 2024 से कंपनी में था.
- निदा एजाज खानः उम्र 25 साल. कंपनी में एसोसिएट थी. 2021 से कंपनी में काम कर रही थी.
- अश्विनी अशोक चेनानीः उम्र 51 साल. कंपनी में ऑपरेशन हेड और असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद पर था.
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ये सब होता कैसे था?
TCS में सीनियर कर्मचारियों का पूरा नेक्सस था, जो नई हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता था. एक महिला कर्मचारी ने बताया कि 20 से 25 साल की लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा था. उन्होंने बताया कि नासिक ट्रांसफर के बाद उनके साथ दफ्तर के भीतर अमानवीय व्यवहार किया गया.
महिला कर्मचारी ने खुलासा किया कि उन्हें दफ्तर की मेन बिल्डिंग से अलग छत पर बैठाकर काम कराया जाता था. महिला ने बताया कि जब भी वह वॉशरूम या किसी काम से नीचे जाती थी तो सुरक्षा या किसी और बहाने से उनका मोबाइल फोन, बैग और सारा निजी सामान जब्त कर लिया जाता था.
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों का तरीका लगभग एक जैसा था. टीम लीडर्स और निदा खान समेत अन्य लोग कथित तौर पर कुछ कर्मचारियों को निशाना बनाते थे. उनके साथ गाली-गलौज, जबरन छूना और उनके धर्म को लेकर अपमानजनक बातें करना शामिल था. वहीं दूसरी ओर इस्लाम धर्म और उससे जुड़ी परंपराओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता था और पीड़ितों पर उसे अपनाने का दबाव बनाया जाता था.
सूत्रों ने बताया कि आरोपी कर्मचारी कंपनी में देर रात तक रुककर महिला कर्मचारियों पर दबाव बनाते थे. यह पता चला है कि आरोपी महिला कर्मचारियों को काबू में रखने और उन पर हावी होने के लिए कई तरह के मनोवैज्ञानिक दबाव वाले हथकंडे अपनाते थे. कोई भी गतिविधि करने से पहले, आरोपी वॉट्सऐप के जरिए अपनी पूरी रणनीति तैयार करते थे.
एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि 'सभी आरोपी खास तौर पर बातचीत का तरीका पूरी तरह वल्गर था. लड़कियों को टीएल की डेस्क पर बुलाकर बैठाया जाता था और उनसे ऐसी अश्लील बातें की जाती थीं, जिनकी कल्पना किसी भी प्रोफेशनल या कमर्शियल ऑफिस में नहीं की जा सकती.' उन्होंने बताया कि कि मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तर जानबूझकर हिंदू आस्था को टारगेट करता था। त्योहारों के मौके पर जब महिला कर्मचारी पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुसार साड़ी पहनकर या बिंदी लगाकर आती थीं, तो तौसीफ सार्वजनिक रूप से उनका मजाक उड़ाता था.
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जांच में अब तक क्या-क्या हुआ?
इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है. अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपियों के फोन रिकॉर्ड और वॉट्सऐप चैट को खंगाला जा रहा है. इसके अलावा, कंपनी के CCTV फुटेज की जांच भी की जा रही है.
पुलिस सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को समझने के लिए आरोपियों को दूसरे मामलों में भी फिर से पुलिस कस्टडी में लेने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि मामला सिर्फ कंपनी के अंदर के अपराधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है.
सबसे अहम बात यह है कि अब इस केस में आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग के एंगल की भी एंट्री हो गई है. अन्य जांच एजेंसी और महाराष्ट्र ATS इस पूरे मामले की जांच को मॉनिटर कर रही है. एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं आरोपियों के तार ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तो नहीं जुड़े हैं, जो कट्टरपंथ या ब्रेनवॉशिंग जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं.
इसके साथ ही पुलिस यह भी देख रही है कि क्या बाकी आरोपी भी निदा खान की तरह फरार होने की फिराक में थे. अगर ऐसा कोई सबूत मिलता है, तो केस में और गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.
आरोपी निदा खान.
कहां है निदा खान?
इस मामले में निदा खान अब भी फरार है. निदा खान ने मोहम्मद नवीद इकबाल खान से शादी की थी. उसका पति मुंबई स्थित अमेजन वेब सर्विस (AWS) में काम करता है. निदा खान भी मुंबई आ गई थी. पुलिस ने उसके पति को हिरासत में लिया था. पति ने बताया कि 14 अप्रैल को उसकी मौसी नूरी शेख उसे नासिक लेकर गई थी.
एसआईटी शुक्रवार को मुंब्रा पहुंची थी, जहां निदा और उसका परिवार रहता था. लेकिन वह वहां नहीं मिली. सूत्रों ने बताया कि एक महिला उसे अपने साथ ले गई थी. पति ने बताया कि उसे भी नहीं पता कि निदा कहां है?
निदा खान पर कई सारे आरोप हैं. 26 मार्च को नासिक में एक FIR दर्ज की गई थी. इसमें धोखे से शारीरिक संबंध बनाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं. पीड़िता का आरोप है कि दानिश शेख ने जुलाई 2022 से शादी का झूठा वादा करके उसके साथ उसके शारीरिक संबंध बनाए. निदा खान, दानिश शेख की बहन है और उस पर इस पूरे मामले में शामिल होने का आरोप है.
पीड़िता का दावा है कि निदा खान और कुछ लोगों ने मिलकर उसके हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं और उस पर अपना धर्म बदलने का दबाव बनाने की कोशिश की. बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि निदा खान और तौसीफ अत्तर ने जानबूझकर यह बात छिपाई कि दानिश शेख पहले से ही शादीशुदा था.
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