Monsoon Latest Update: उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी के बीच मॉनसून भले ही अभी दूर है, लेकिन उससे पहले ही बारिश पूरे उत्तर भारत को भिगोएगी. अगले तीन दिन दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है. दरअसल, भारत मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 मई तक दक्षिण पश्चिम मॉनसून इस साल केरल तट पर नहीं पहुंचा. अब इसमें तीन-चार दिनों की देरी हो सकती है. लेकिन मॉनसून के पहले ही हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी देखने को मिलेगी, वहीं उत्तर भारत के राज्यों में आंधी, बारिश का अलर्ट है.
मॉनसून की तारीख (Monsoon date)
आम तौर पर मॉनसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है. पिछले साल मॉनसून 1 जून 2025 को 8 दिन पहले 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था. मॉनसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर भी कर लिया था. लेकिन इस बार ये 2-3 जून को केरल पहुंच सकता है. मॉनसून के अगले 2-3 दिन के दौरान दक्षिण पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हालात हैं.भारत मौसम विभाग ने इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है.
मॉनसून के पहले कहां- कब बारिश
- उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में 28 से 30 मई
- हिमाचल में 28-29 मई को बारिश, आंधी
- दिल्ली, पंजाब, हरियाणा,में 28 से 31 मई
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 से 31 मई के बीच
- राजस्थान में 28 और 29 मई को आंधी, बारिश
- मध्य प्रदेश, गोवा में 29 मई तक बारिश
- महाराष्ट्र में 26 से 28 मई, गुजरात में 30 से 1 जून के बीच
- बिहार, ओडिशा में 26 से 30 मई के बीच आंधी, बारिश
- झारखंड में एक हफ्ते तक का रेन अलर्ट
- मुंबई, केरल में भी 28-29 तक बारिश
Pre Monsoon Rain Alert
मॉनसून में कम बारिश के संकेत
मौसम विभाग के आकलन (Monsoon Mission Climate Forecast System) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो के हालात पैदा हो सकते हैं. इस कारण इस साल मॉनसून सीजन में कम बारिश होने के संकेत हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि जून में परिस्थितियां बारिश के लिए सामान्य रहेंगी. इसके बाद अल नीनो सक्रिय होने का ज्यादा असर मॉनसून की बारिश पर अगस्त और सितंबर महीनों में पड़ने का अंदेशा है.
मॉनसून की बारिश पर निर्भर खेती
मॉनसून की बारिश कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसका सीधा असर खरीफ सीजन के दौरान फसलों की बुवाई पर पड़ता है. IMD के मुताबिक, भारत में अधिकतर खरीफ फसलों की बुवाई जून और जुलाई महीने में हो जाती है. ऐसे में भारत मौसम विभाग का अनुमान है की इस साल मॉनसून सीजन के दौरान औसत से कम बारिश होने का ज्यादा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर नहीं होगा.
मॉनसून पर मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारत मौसम विभाग की लंबे समय के अनुमान (LPA) रिपोर्ट में कहा गया है इस साल जून से सितंबर के बीच देशभर में LPA का 92 फीसदी बारिश होने की संभावना है, यानी आठ फीसदी कम.रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. हालांकि नार्थ-ईस्ट, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीप भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है. अब भारत मौसम विभाग दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर ताजा रिपोर्ट मई के अंत में जारी करेगा.
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मॉनसून क्या है
मौसम विभाग दक्षिण पश्चिम मॉनसून की तारीख सामान्यतया 1 जून मानता है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक मौसम प्रणाली है, जो केरल, महाराष्ट्र से बढ़ते हुए जून से सितंब तक उत्तर भारत में बारिश लेकर आती है. इससे भारत की सालाना बारिश का लगभग 70 प्रतिशत मिलता है.
मॉनसून कब आएगा
अंडमान निकोबार द्वीप के बाद केरल वो स्थान है, जहां मॉनसून सबसे पहले पहुंचता है. यह पूरे देश के लिए राहत, ठंडी हवाओं और बारिश के मौसम का संकेत है.
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मॉनसून की परिभाषा क्या है
बेमौसम किसी भी बारिश को मॉनसून नहीं कह सकते. केरल में पहले से ही प्री मॉनसून बारिश हो रही है. तिरुवनंतपुरम, अलपुझा, कोल्लम और एर्नाकुलम समेत 4 जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है.मई के अंत में जब केरल के 14 मौसम केंद्रों में से कम से कम 60 प्रतिशत सेंटर पर लगातार दो दिनों तक 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज होती है. साथ ही हवा और बादल छाने के मानक पूरे होते हैं, तब भारत मौसम विभाग मॉनसून आने की घोषणा करता है. मॉनसून के आगमन में कई वायुमंडलीय परिस्थितियां भूमिका निभाती हैं.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
उत्तर भारत में हीटवेव का अलर्ट
उत्तर भारत में अभी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान जैसे उत्तर भारत के राज्य भयंकर हीटवेव का सामना कर रहे हैं. इन शहरों में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 26 से 27 डिग्री तक हो गया है. इससे दिन ही नहीं रातें भी गर्म हो रही हैं. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ इलाके में भी भयंकर गर्मी पड़ रही है.














