उत्तराखंड में लगभग चार हजार चार सौ नब्बे प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य शुरू किया गया है. प्राधिकरण ने संकटग्रस्त जल स्रोतों की पहचान कर पुनरुद्धार के लिए मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की है. जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तराखंड के प्राकृतिक जल स्रोत सूखने या मार्ग बदलने की स्थिति में हैं.