पनामा तक मनी लांड्रिंग का खेल... छांगुर बाबा केस में ED का बड़ा खुलासा

ED को शक इसके जरिये करोड़ो रुपए की मनी लांड्रिंग की जा रही थी. कंपनी का कर्ताधर्ता नवीन था यानी कंपनी पर पूरा कंट्रोल नवीन रोहरा का ही था. ED को ये दस्तावेज नवीन के ठिकानों से सर्च के दौरान बरामद हुए है.

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नई दिल्ली:

छांगुर बाबा धर्मांतरण मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें उनके पनामा कनेक्शन का पता चला है. आरोप है कि छागुर बाबा के राजदार नवीन ने पनामा में 10 हजार डॉलर लगाकर एक शैल कंपनी खड़ी की थी, जिसमें कुछ विदेशी नागरिकों को भी शामिल किया गया था. जांच एजेंसी ED को शक है कि इसी शैल कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये की मनी लांड्रिंग की गई.

इन विदेशी नागरिकों को शामिल किया गया था 

  • PRESIDENT : एरियल रिकार्डो पाडिला गॉर्डन
  • TREASURER :  एनाबेल लोरेना लैंडिरेस मोंगे
  • SECRETARY :  ब्रेंडा पाटियो डे टोरेस

यह एक सामान्य तरीका होता है, जहां ऑफशोर कंपनियों में दिखावे के लिए विदेशी नागरिकों के नाम होते हैं. लेकिन संचालन किसी और के हाथ में होता है. शिपिंग कंपनी की तर्ज पर ये शैल कंपनी बनाई गई.

ED को शक इसके जरिये करोड़ो रुपए की मनी लांड्रिंग की जा रही थी. कंपनी का कर्ताधर्ता नवीन था यानी कंपनी पर पूरा कंट्रोल नवीन रोहरा का ही था. ED को ये दस्तावेज नवीन के ठिकानों से सर्च के दौरान बरामद हुए है.

कंपनी का पूरा बैकग्राउंड

  • LOGOS MARINE SA नाम की एक कंपनी साल 2003 में पनामा (Panama) देश में रजिस्टर्ड की गई थी
  • इसका पता था- 30वीं स्ट्रीट, बाल्बोआ एवेन्यू, बिल्डिंग नंबर 39, पनामा सिटी, पनामा रिपब्लिक
  • ये कंपनी पनामा की एक फर्म – इंटरनेशनल शिपिंग ब्यूरो – के ज़रिए कानून के तहत रजिस्टर्ड की गई थी जिसके लिए पूरे दस हज़ार डॉलर लगाये गए थे
  • यानी कागजों के मुताबिक़ इस कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी (Authorised Share Capital) 10,000 डॉलर रखी गई थी
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