ये एक अपराधी की बकवास, एप्सटीन फाइल में पीएम मोदी के जिक्र का भारत सरकार ने दिया जवाब

एप्स्टीन फाइल में तथाकथित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम आने को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इजरायल दौरे के अलाव ईमेल की बातें बेकार की बकवास से अधिक कुछ नहीं हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
एप्सटीन फाइल को लेकर मोदी सरकार का बड़ा बयान
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • एप्स्टीन फाइल में PM मोदी के तथाकथित जिक्र की बात को विदेश मंत्रालय ने एक अपराधी का बकवास बताया है.
  • विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि "इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर देना चाहिए."
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2017 में इजरायल गए थे. ये किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला इजरायल दौरा था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

एप्स्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तथाकथित जिक्र की बात को पूरी तरह खारिज करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.  

इसमें कहा गया है, "हमने तथाकथित एपस्टीन फाइलों से एक ईमेल मैसेज की रिपोर्ट देखी है, जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी इजरायल यात्रा का जिक्र है. जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इजरायल की आधिकारिक यात्रा के अलावा, ईमेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बेकार की बकवास से अधिक कुछ नहीं हैं, जिन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज कर देना चाहिए."

भारतीय विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया एप्स्टीन से जुड़े अमेरिकी न्याय विभाग की जांच फाइलों के नए सेट के सामने आने के कुछ घंटों बाद आई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2017 में इजरायल का दौरा किया था. यह 1992 में इजरायल के साथ राजनयिक संबंध के स्थापित होने के बाद भारत के किसी भी प्रधानमंत्री का पहला इजरायल दौरा था.

अमेरिकी डिप्टी-अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने नवीनतम एप्स्टीन फाइलों के बारे में कहा कि ताजा खुलासे में 30 लाख से अधिक पेजों के दस्तावेज, दो हजार से अधिक वीडियो और करीब दो लाख तस्वीरें जारी की गई हैं.

अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित फाइलों में ऐसी सामग्री शामिल है जिसके बारे में अधिकारियों ने बताया कि उन्हें दिसंबर के महीने में प्रकाशन से रोक दिया गया था.

Advertisement

क्या है एप्स्टीन फाइल?

यौन अपराध के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके और 2019 में जेल में मृत पाए गए एपस्टीन से जुड़े ये वो दस्तावेज हैं जो एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग के पास एप्स्टीन की जांच के दौरान इकट्ठा हुए थे.

2008 में फ्लोरिडा में नाबालिग से यौन शोषण के मामले में एप्स्टीन को सजा हुई थी.  2019 में उस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी का आरोप लगा, लेकिन ट्रायल से पहले ही उसकी मौत हो गई.

Advertisement

इन जांचों के दौरान 300 जीबी से अधिक डेटा, इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट, फोटो, वीडियो और डिजिटल सबूत जमा किए गए. कानून के तहत, पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री सार्वजनिक नहीं की जा सकती.

Featured Video Of The Day
Sadhvi Prem Baisa Death Mystery: क्या साध्वी को कोई कर रहा था ब्लैकमेल? | NDTV India | Top News
Topics mentioned in this article